02 नवंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में रोबोटिक सर्जरी OT का उद्घाटन किया। सफदरजंग अस्पताल गरीब मरीजों को मुफ्त में रोबोटिक सर्जरी सुविधा देने वाला भारत का पहला केंद्रीय सरकारी अस्पताल बन गया है। यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर इस तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। इसलिए अब यूरोलॉजी से संबंधित बीमारियां, किडनी, प्रोस्टेट व यूरिनरी ब्लाडर के कैंसर की रोबोटिक सर्जरी हो सकेगी। सफदरजंग में यह सुविधा शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर व गरीब मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा नि:शुल्क मिल पाएगी।



निजी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी में करीब चार से पांच लाख रुपए की लागत आती है। लेकिन सफदरजंग अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी शुरु होने से गरीबों को यह सुविधा मुफ्त में मिल सकेगी। निजी वार्ड में भर्ती मरीजों को रियायती रकम अदा करनी होगी। रोबोटिक वर्तमान युग की जरूरत बन गया है, इसके बदले में गंभीर रूप से बीमार कैंसर और मस्तिष्क की विफलता रोगियों की रुग्णता और मृत्यु दर को कम करने के में मदद मिलेगी। इस तकनीक का फायदा यह है कि सर्जरी में समय कम लगता है और सर्जरी के बाद मरीज जल्द ठीक हो जाता है। कई केस में डॉक्टरों को चीरा लगाकर मरीज के कई अंगों तक पहुंचना होता है जबकि रोबोटिक तकनीक से 3 छेदों की मदद से सर्जरी आसान हो जाएगी। जहां एक छेद से कैमरा डाल कर 3डी में अंदर की तस्वीर देखी जाएगी वहीं अन्य दो छेदों की मदद से डॉक्टर रोबोटिकर ऑर्म्स की मदद से सर्जरी करेंगे।

अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि दुनिया के कई देशों की प्रयोगशालाओं के भ्रमण के बाद मैं कह सकता हूं कि यह सुविधा देश के लोगों के लिए बहुत जरूरी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी रिसर्च का महत्व तभी है जब उसका लाभ गरीबों तक पहुंचे। आपके रिसर्च को जब तक कोई Industry अपनाकर उस पर action नहीं लेती, तब तक उसका कोई अर्थ नहीं।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि हाल में पल्स पोलियो अभियान की सिल्वर जुबली के दौरान हमने संकल्प लिया है कि देश का एक भी बच्चा टीकाकरण के अभाव में किसी रोग से प्रभावित न हो। डॉक्टर और शोधकर्ता मातृत्व मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गंभीरतापूर्वक काम करें। पिछले 5 वर्षों में सफदरजंग अस्पताल में कई नए ब्लॉक बने हैं और कई दूसरे विकास कार्य हुए हैं, लेकिन हम इस अस्पताल का कायापलट करना चाहते हैं। यह जरूरी है कि हम अपने स्किल का इस्तेमाल लोगों की तकलीफें दूर करने में करें। अगर आप सरकार से किसी समस्या का समाधान चाहते हैं तो सिर्फ चिट्ठी लिखकर आराम से न बैठें। जरूरी है कि आप उसके लिए फ़ॉलोअप भी करते रहें ।