09 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज 'The WHO India Country Cooperation Strategy 2019-2023: A Time of Transition: लॉन्च किया। इस अवसर पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के साथ रणनीतिक सहयोग के लिए चार क्षेत्रों की पहचान की गई है जिसमें यूएचसी कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाना, स्वास्थ्य व आरोग्य को प्रोत्साहन देना, स्वास्थ्य आपात की स्थिति में लोगों की रक्षा करना और स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के वैश्विक नेतृत्व को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न आयामों में उल्लेखनीय प्रगति की है।



डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसके लिए बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के तरीकों को अपनाया जाना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने ईट राइट इंडिया, फिट इंडिया और पोषण अभियान जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रणनीति में शामिल किए गए स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अलावा पर्यावरण, दुर्घटनाएं, अच्छा पोषण और खाद्य सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर उन्होंने जोर दिया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत ने लगभग सभी मानकों पर अच्छी प्रगति की है। पिछले एक साल में देश में मलेरिया के मामलों में 50 फीसदी की कमी आई है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अपने राजनीतिक एजेंडे में स्वास्थ्य को उच्च स्थान दिया है। साथ ही सरकार स्वास्थ्य में अपने निवेश को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है । अंत में उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले पांच वर्षों में देश स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी तरक्की करेगा और भारत दुनिया के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरेगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव सुश्री प्रीति सूदन, भारत में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि डॉ हेंक बेकेडम WHOSEARO के Dr Roderico Ofrin व नीति आयोग के के सदस्य डॉ विनोद पॉल के अलावा अन्य कई अधिकारी उपस्थित थे।