केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने सोमवार को पुणे में सीएसआईआर नेशनल केमिस्ट्री लैब का दौरा किया। स्वागत उपरान्त डॉ हर्ष वर्धन ने साइन-एश्योर (दीपक समूह) के लिए डीएमई की एनसीएल कैटलिस्ट संबन्धी हस्ताक्षर और सौंपने की प्रक्रिया को पूर्णता प्रदान दी. इस प्रकार डॉ हर्ष वर्धन ने सतत विकास के लिए मिशन प्रोजेक्ट कैटेलिसिस के तहत DME पायलट प्लांट का शुभारंभ किया। पायलट संयंत्र के लिए स्वच्छ दहन वाली डाइमिथाइल ईथर (डीएमई) की उत्पादन तकनीक तैयार है। डीएमई को एलपीजी के साथ (अधिकतम 20% और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में योगदान हेतु) मिश्रित किया जा सकता है और डीजल में (20 से 40%) डीएमई के वाणिज्यिक उत्पादन ( जो कि 5-8 मीट्रिक टन / दिन होगा) से देश के लिए बड़े विदेशी मुद्रा की बचत की आशा है। डीएमई का उपयोग हमारी सेना की संपूर्ण ऊर्जा आवश्यकता के लिए किया जा सकता है।



09 September 2019: Union Minister for Health and Family Welfare, Science and Technology and Earth Sciences, Dr Harsh Vardhan on Monday visited CSIR National Chemistry Lab at Pune. Post farmer welcome ceremoney, Dr Harsh Vardhan went through the process of Signing and Handing Over of NCL Catalyst and Process for DME to the SignAssure (Deepak Group). Thus Dr Harsh Vardhan gave a kickstart to the DME pilot plant under Mission Project Catalysis for Sustainable Development. The clean burning Dimethyl Ether (DME) production technology is ready for pilot plant. DME can be blended with LPG (max. 20% and contributes to PM's Ujjwala Yojna) and diesel (20 to 40%). Commercial production (5-8 metric tons/day) of DME is expected to save large forex for the country. It can be used for the entire energy requirement of our military.



इसके अलावा, डॉ हर्ष वर्धन ने 17 अतिरिक्त कमरों के साथ एक नए गेस्ट हाउस का उद्घाटन किया। उन्होंने मेड टेक स्टार्टअप के लिए क्लीन ट्रायल सैंपल बनाने वाली नवीन क्लीन रूम और लोन लाइसेंस फैसिलिटी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने 'नेटिव फारेस्ट' का भी दौरा किया, जो उत्तरी पश्चिमी घाटों के अर्ध सदाबहार-वनों के कृत्रिम रोपण की दिशा में किया गया एक अद्भुत पारिस्थितिकीय प्रयोग है। डॉ हर्ष वर्धन ने परिसर में एक अन्य महत्वपूर्ण संयंत्र- शुद्ध जल संयंत्र, का भी उद्घाटन किया। दो हजार लीटर प्रति घंटे की क्षमता के साथ, यह संयंत्र सीएसआईआर के अपने हॉलो फाइबर द्वारा निर्मित है और न्यूनतम जल अपव्यय के साथ कार्य करने वाला यह अहम संयत्र अल्ट्रा-फिल्ट्रेशन मेम्ब्रेन टेक्नोलॉजी के उपयोग पर आधारित है।

Apart from this, Dr. Harsh Vardhan also inaugurated a new Guest House building with 17 additional rooms. He also inaugurated a Clean Room and Loan License Facility built for making a clinical sample for Med Tech Startups to make clinical trial samples. He also visited Native Forests which is an amazing ecological experiment to replicate the semi-evergreen forests of Northern Western Ghats. Dr Harsh Vardhan also inaugurated Shuddh Jal Water Plant, another important plant at the premises of the CSIR-NCL. With a capacity of two thousand liters per hour, this plant is manufactured by CSIR's own hollow fiber and is using Ultra-Filtration Membrane Technology to act with minimum water dissipation.

इस अवसर पर अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए, डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि सबसे पहले मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं कि आपने अपना बहुमूल्य समर्थन देकर श्री नरेंद्र मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाया। पिछले साढ़े चार साल तक, जब मैं विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री था, मैंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सीएसआईआर, डीबीटी तथा पृथ्वी विज्ञान की सभी प्रयोगशालाओं का दौरा किया। इस श्रृंखला में, हम 2015 देहरादून डिक्लेरेशन भी लाये थे जिसमें यह संकल्प लिया गया था कि कुछ क्षेत्रों पर बड़े ध्यान से काम किया जाएगा और टेक्नोलोजी एवं शोध प्रयोगशालाओं के भीतर तक ही सीमित नहीं रहेंगे. उन्हें उद्योगों तक ले जाया जाएगा और फिर देश भर में।

Beginning his address on the occasion, Dr Harsh Vardhan said that first of all I want to thank you that you made Narendra Modi the Prime Minister again by giving your valuable support. For the last four and a half years, when I was the Minister of Science and Technology, I visited all the laboratories of Science and Technology, CSIR, DBT and Earth Sciences. In this series, we came up with the 2015 Dehradun Declaration in which it was resolved that some areas will be worked with a major focus and the technology or the discovery would not be confined within the laboratories, they would be taken ahead to the industries and then across the country.

उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रयोगशाला भारत के लिए अपने रणनीतिक क्षेत्र में कम से कम एक तकनीक विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे परिसर में ये जो 'शुद्ध जल प्लांट' है, वह भी अच्छा कार्य कर रहा है और आज के समय में यह प्लांट बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री अगले पांच वर्षों में हर घर में पीने योग्य पानी पहुंचाने के इरादे से इस दिशा में कार्यरत हैं। इस क्षेत्र में सक्रिय होने के कारण उन्होंने जल विद्युत मंत्रालय भी बनाया। एनसीएल हमारी बहुत महत्वपूर्ण प्रयोगशाला है जिसमें हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर दुनिया के 1200 अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों की सूचि में शीर्ष 12 स्थानों में से एक है, जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हमारी इस प्रयोगशाला के माध्यम से, हमें नए भारत के निर्माण के लिए जो भी सहयोग हो सकता है, उस पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे वैज्ञानिक तरीकों से हल नहीं किया जा सकता है। जो भी समस्या है, हम इसे वैज्ञानिक तरीकों से हल कर सकते हैं, हमें अभी से इसके लिए तैयार हो जाना चाहिए।

He said that each laboratory would also develop at least one technology in their strategic area for India. He said that the pure water plant that we have here is also working properly and in today's time this plant is very important because our Prime Minister is working in this direction with an intention to delivering potable water to every household in the next five years. Being active in this field he also created the Ministry of Water Power. NCL is our very important laboratory in which very good work is being done in every field. He said that CSIR ranks among the top 12 places in the world's 1200 international institutions, which is a matter of pride for us. He said that through this laboratory of ours, we must work on with whatever cooperation we can for building a New India moving forward. He said that there is no such problem in the society, which cannot be resolved through scientific means. Whatever problem it is, we can solve it through scientific means, we should get ready for it now.

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के पिछले पांच सालों के दौरान पांच लाख 90 हजार गांव खुले में शौच मुक्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आज दूसरे देशों के लोग हमसे यह जानने की कोशिश करते हैं कि इतने कम समय में हमने अपना सेनीटेशन कवर 30-35 प्रतिशत से 90-95 प्रतिशत तक कैसे बढ़ा दिया। हमारी सरकार ने 10 करोड़ टॉयलेट बना दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में करोड़ों लोगों के जनधन खाते खुलवा दिए गए जिसमें अब किसी भी सरकारी योजना का पैसा देश के किसी भी हिस्से में काम करने वाले व्यक्ति के खाते में सीधे कुछ ही क्षणों में पहुंच जाता है।

Dr. Harsh Vardhan said that Prime Minister Narendra Modi started working in 2014 with a big dream and he has worked effectively on every subject between 2014 and 2019 and he has worked effectively on every topic. During the campaigning in 2019 he presented the figures of each of his plans before the countrymen. He said that earlier governments also had made many schemes, but what was the actual work done in those schemes and what was the benefit - were something people did not know what was the benefit out of it for the people. But today if you analyze our government, you will know that the best work has been done in every of our schemes.

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में एक बड़े सपने के साथ काम करना शुरू किया था और उन्होंने 2014 और 2019 के बीच हर विषय पर प्रभावी ढंग से कार्य किया है। 2019 में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने देशवासियों के समक्ष अपनी प्रत्येक योजना के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने भी कई योजनाएं बनाईं, लेकिन उन योजनाओं में क्या वास्तविक काम हुआ और लोगों को क्या लाभ हुआ - कुछ पता नहीं चल पाया। लेकिन आज अगर आप हमारी सरकार का विश्लेषण करें तो आपको पता चलेगा कि हमारी हर योजना में सबसे अच्छा काम हुआ है।

He said that during the last five years of our government, 5 lakh 90 thousand villages have become open defecation free. He said that today people of other countries try to know from us that how in such a short time, we have increased our sanitation cover from 30-35 percent to 90-95 percent. Our government has made 10 million toilets. Under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, the Jan Dhan accounts of crores of people are opened, so now the money of any government scheme directly reaches to the account of the person working in any part of the country in a few moments.

उन्होंने कहा कि यह सब अब देश में हो रहा है, देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री कहते थे कि अगर सरकार 1 रुपये भेजती है, तो वह 15 पैसे के रूप में गरीबों तक पहुंचता है। लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए, हमारी सरकार ने करोड़ों महिलाओं को करोड़ों घरों में गैस कनेक्शन प्रदान किये हैं। उन्होंने कहा कि यदि हमारे प्रधानमंत्री एक नये भारत के निर्माण की बड़ी आशा लेकर आगे बढ़ रहे हैं, तो वह देश के वैज्ञानिकों के काम पर निर्भर हो कर आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री जी आयुष्मान योजना के माध्यम से सभी को स्वस्थ रखना चाहते हैं और प्रधान मंत्री का मानना है कि एक नया भारत निश्चित रूप से बनाया जा सकता है यदि डॉक्टर ठीक से काम करें और अपने सामाजिक और व्यावसायिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने सपनों को पीएम के सपने के साथ जोड़ दें।

He said that all this is happening in the country now, a former Prime Minister of the country used to say that if the government sends 1 rupee, then it reaches to the poor as 15 paise. To save people from diseases, our government has provided gas connections to crores of households under the Ujjwala scheme to crores of women. He said that if the Prime Minister has the greatest hope in making a new India, then he depends upon the work from the scientists of the country. He wants to keep the health of everyone fit through Ayushman Yojna and the Prime Minister believes that a new India can certainly be created if doctors work properly and discharge their social and professional responsibilities adding their dreams with the PM's dream.