केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन आज दिल्ली के विज्ञान भवन में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के 78वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए । इस अवसर पर डॉ हर्ष वर्धन ने मुख्‍य अतिथि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का हार्दिक अभिनंदन किया व आभार जताया कि उन्होंने कार्यक्रम में आने का उनका आग्रह स्वीकार कर वैज्ञानिकों को सम्मानित किया व उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने स्वदेशी तकनीक से बना एक उच्च तापमान ईंधन सेल प्रोटोटाइप राष्ट्रपति को सौंपा। यह ईंधन सेल मेथनॉल/जैव-मीथेन का उपयोग करके पर्यावरण अनुकूल विधि से बिजली बनाता है। इसे CSIR द्वारा विकसित किया गया है। स्थापना दिवस पर बोलते हुए, माननीय राष्ट्रपति ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की उपलब्धियों और राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास हेतु इसके योगदान की सराहना की । उन्होंने सभी वैज्ञानिकों को देश के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने का आग्रह किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे वैज्ञानिक रिसर्च प्रयोगशालाओं से बाहर निकलकर उद्योगों तक पहुंचे।



कार्यक्रम में बोलते हुए केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोबारा मुझे विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है। पिछले 5 सालों में मैंने CSIR की उपलब्धियों को बेहद करीब से देखा है। समारोह में उन्होंने बड़े गर्व के साथ कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने 2015 में जिस स्वदेशी विमान 'सारस' पर दोबारा काम शुरू किया था वह तेजी से चल रहा है और जल्द ही उनके 19 सीटर विमान का कमर्शियल उत्पादन शुरू हो जाएगा । उन्होंने बताया इसके साथ ही CSIR-NAL में दो सीटों वाले हंसा ट्रेनर विमान के विकास और उत्पादन का काम भी तेजी से चल रहा है जिसके पीछे CSIR-IND के विभिन्न संस्थान का आपसी तालमेल है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 2014 से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ा हुआ हूं और देश में वैज्ञानिकों ने जो प्रगति की है, उससे मैं काफी प्रभावित हुआ हूं । उन्होंने कहा कि मैं देश के सभी वैज्ञानिकों से आग्रह करता हूं कि वे और अधिक मेहनत करें और 2030 तक भारत को चोटी के तीन वैज्ञानिक देशों में लाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करें ।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान शुरू किया है और मुझे खुशी है कि हम भी इस दिशा में काम कर रहे हैं । देहरादून के एक प्लांट में हमने प्लास्टिक से डीजल बनाने का काम शुरू कर दिया है, जिसके तहत 1000 किलो प्लास्टिक से 800 लीटर तक डीजल उत्पन्न किया जा रहा है। CSIR IND के वैज्ञानिक हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं । हैदराबाद में हमारे वैज्ञानिकों ने ऐसा molecules विकसित किया है, जो कैंसर की रोकथाम में कारगर साबित हो सकता है। डॉ हर्ष वर्धन ने National Physical Laboratory की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए बताया कि यहां के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक से टाइल बनाने जैसा अनोखा काम कर दिखाया है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि अब कई देश हमसे यह तकनीक मांग रहे हैं । उन्होंने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने New India के लिए जो भी मिशन तय किए हैं, उनमें से ज्यादातर वैज्ञानिकों को पूरा करना है और मुझे भरोसा है कि हमारे वैज्ञानिक देश की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे ।

इस अवसर पर डॉ हर्ष वर्धन ने "भटनागर लॉरिएट्स 1958-2018" नामक एक पुस्‍तक का विमोचन करने के साथ युवा वैज्ञानिक पुरस्कार व स्कूली बच्चों के लिए नवोन्मेष पुरस्कार भी प्रदान किए । उन्होंने कहा कि मैं सभी वैज्ञानिकों, छात्रों और प्रौद्योगिकीविदों से एक टीम के रूप में एकजुट होकर कार्य करने और ऐसी प्रौद्योगिकियों और समाधानों का विकास करने का हृदय से आह्वान करता हूं जिनसे हमारे देश की आकांक्षाएं पूरी होंगी ।