जैविक विविधता पृथ्वी पर सभी जीवन की बुनियाद : डॉ हर्ष वर्धन


राजधानी दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में शनिवार को केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यारवण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने राज्य जैव विविधता बोर्ड की 13वीं राष्ट्रीय बैठक को संबोधित किया।



नई दिल्ली (29 दिसम्बर) : राजधानी दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में शनिवार को केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यारवण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने राज्य जैव विविधता बोर्ड की 13वीं राष्ट्रीय बैठक को संबोधित किया।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि जैविक विविधता पृथ्वी पर सभी जीवन की बुनियाद है। जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र सेवाएं हमारी आर्थिक प्रगति और हमारी सभ्यता के विकास को मजबूत करती है। मुझे यह जानकार खुशी है कि National BiodiversityAuthority, 2013 से नियमित रूप से इस सम्मलेन का आयोजन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत, जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में दुनिया के 17 मेगा विविधता वाले देशों ( 48,000 से अधिक पौध प्रजातियों और 1,00,000 से अधिक पशु प्रजातियों के साथ) में से एक महत्वपूर्ण हितधारक और पथ प्रदर्शक है। भारत में संरक्षण एक परंपरा रही है। भारत में दुनिया के भूमि क्षेत्र का केवल 2.4 फीसदी है लेकिन दुनिया की 7-8 फीसदी प्रजातियां भारत में है। विकासात्मक दवाबों के दृष्टिकोण से यह विशाल जैविक एक प्रशंसनीय उपलब्धि है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने जैव विविधता के संरक्षण और सुरक्षा के लिए प्रशंसनीय प्रयास किए हैं। इसने हमें ऐसे कानून और संस्थान दिए हैं जो संरक्षण के कार्य के लिए अनिवार्य है। जैव विविधता अधिनियम और चेन्नई में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण का गठन इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके अलावा देश के प्रत्येक राज्य में एक कार्यात्मक राज्य जैव विविधता बोर्ड है।

सभी जैविक दवाबों के बावजूद, जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में भारत सराहनीय काम कर रहा है और भारत दुनिया के उन कुछ देशों में से एक है, जहां वानाच्छादन में लगातार वृद्धि हो रही है। आज हमारे भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 21.54 फीसदी वन क्षेत्र है।

संरक्षण, स्थायी उपयोग (Sustainable Utilization), उपयोग और साझाकरण के क्षेत्रों में मैं एनबीए और सभी 29 एसबीबी के काम की सराहना करता हूं। मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि इसकी स्थापना के बाद से एनबीए ने सभी 29 राज्यों में SBB के निर्माण का समर्थन किया है और 26 राज्यों में 74,063 जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMC) की स्थापना की सुविधा प्रदान की है। अब तक 17 राज्यों में 6096 People's Biodiversity को Registers किया है।

इस मौके पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव सी के मिश्रा, अपर सचिव डॉ एक के मेहता, एनबीए की अध्यक्ष डॉ मीना कुमारी और राज्य जैव विविधता बोर्ड के विशिष्ट प्रतिभागी और MOEFCC के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।