18 अगस्त 2019 - भरोसा रखिए टीबी हारेगा और देश जीतेगा। डंके के चोट पर यह दावा है स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन का। आज सेवा भारती, दिल्ली द्वारा आयोजित अशोक विहार-2, दिल्ली स्थित वढ़ेरा भवन में रेडियोलॉजी विभाग का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सरकार्यवाह माननीय सुरेश भैया जी जोशी जी, केन्द्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन और दिल्ली प्रांत संघचालक कुलभूषण आहूजा ने किया।



इस मौके पर सरकार्यवाह माननीय सुरेश भैया जी जोशी जी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘न त्वहं कामये राज्यं न स्वर्गं नापुनर्भवम्। कामये दुःखतप्तानां प्राणिनामार्तिनाशनम्..’ अर्थात‘मुझे न तो राज्य की इच्छा है और न स्वर्ग की। मुझे तो मोक्ष की भी इच्छा नहीं है। मेरी तो केवल यही कामना है कि दुःख से पीड़ित जनों की पीड़ा हर सकूं।’ यह भारत की परंपरा है। इस परंपरा में संस्कारित हुए हम सब लोग हैं और इसलिए भारत में सेवा को देखने का दृष्टिकोण अलग है। यहां, सेवा को ही धर्म कहा गया है।

इस शुभ अवसर पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि सेवा भारती समाज के उत्थान और मदद के लिए सदैव तत्पर रही है। समाज के लिए सेवा भारती का समर्पण अनुकरणीय और सराहनीय रहा है। डॉ वर्धन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से उनका जुड़ाव छात्र जीवन से ही रहा है। आपातकाल के दौरान उन्होंने कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में शाखा लगाने की शुरुआत की थी। समाज हित के कार्यों के लिए सेवा भारती को कांग्रेस शासन काल में भी सम्मानित होने का गौरव मिल चुका है। आज देश भर में सेवा भारती की ओर से कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है। सेवा भारती के इन श्लाघनीय प्रयासों का सीधा लाभ देश के लाखों लोगों को मिल रहा है।

इस मौके पर डॉ वर्धन ने कहा कि साल 1994 में दिल्ली में पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में स्वयंसेवकों का योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया कि कई महत्वाकांक्षी योजनाएं भारत सरकार चला रही है। केंद्र सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक लोगों को लाभान्वित कर रही है। इस योजना के जरिए 16 हजार अस्पतालों के माध्यम से बीमितों को 5 लाख का बीमा उपलब्ध करवाया जा रहा है। आने वाले समय में देश भर में करीब डेढ़ लाख अस्पतालों को हेल्थ और वेलनेस सेंटर में बदलने की योजना है। डॉ. वर्धन ने कहा कि दृढ़ विश्वास है कि टीबी हारेगा और देश जीतेगा। दुनिया ने टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए 2030 का लक्ष्य तय कर रखा है, मगर हमने अपने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2025 तक इसका नामोनिशान मिटा देने का संकल्प लिया है।