केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने ब्राजील के साओ पाउलो में 7वें ब्रिक्स एसटीआई मंत्रीस्तरीय बैठक के उद्घाटन सत्र में भाग लेते हुए कहा कि साओ पाउलो रिसर्च फाउंडेशन के साथ जुड़ने के लिए भारतीय वैज्ञानिक समुदाय जैव ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के क्षेत्रों में अनुसंधान का संचालन करने के लिए उत्सुक है। बैठक में गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को बहुत महत्व देता है। आज, भारत लोगों की समृद्धि और कल्याण के लिए ब्रिक्स विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।



At the opening session of the 7th BRICS STI meeting on September, 20, 2019 in Paulinia, Sao Paulo (Brazil) Dr Harsh Vardhan put across the Indian scientific community’s eagerness to engage with the State of Sao Paulo Research Foundation to conduct research in the fields of bioenergy, renewable energy, climate change & biodiversity. Addressing the dignitaries, Dr Harsh Vardhan said that India has attached great importance to cooperation in the fields of Science, Technology and Innovation. Today, I re­affirm India’s commitment to the cause of BRICS Science, Technology and Innovation Cooperation for the shared prosperity and welfare of our peoples at large."



बैठक के पहले सत्र में ब्रिक्स एसआईटी मंत्रीस्तरीय एजेंडा, ब्रिक्स राष्ट्रों में एसटीआई प्राथमिकताओं और नीतियों के अद्यतनीकरण के बारे में सूचना के आदान-प्रदान को लेकर था। डॉ वर्धन ने कहा भारत तेज, स्थायी और समावेशी विकास पर बल देता है। भारतीय एसटीआई प्रणाली एक बड़े जनसांख्यिकीय लाभांश और युवा प्रतिभाओं के साथ अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत के लिए उच्च प्रौद्योगिकी वाले मार्ग के लिए एक मजबूत और व्यवहार्य विज्ञान-अनुसंधान और नवाचार प्रणाली भारत का लक्ष्य है।

Session 1 of the Meet had the BRICS SIT Ministerial agenda of Exchange of Information on STI priorities and policies updates in BRICS nations. Speaking on the session one, Dr Vardhan said, ''As India aspires for faster, sustainable and inclusive growth, the Indian STI system with the advantage of a large demographic dividend and a young talent pool, plays a defining role in achieving these national goals. A strong and viable Science, Research and Innovation System for High Technology­led path for India ( SRISHTI) is the goal of the Indian STI policy."

अगले सत्र में ब्रिक्स की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि ब्रिक्स एसटीआई का सहयोग 34 वर्षों के कम समय में अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है। दस विषयगत क्षेत्रों में कुल 58 ब्रिक्स सहयोगी परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं और इस वर्ष वित्त पोषण के लिए अतिरिक्त 33 परियोजनाओं का चयन किया गया है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि भारत इस वर्ष वित्त पोषण के लिए चयनित 49 नई परियोजनाओं में से 33 आरएडडी परियोजनाओं और 24 नई परियोजनाओं में भागीदार है। इन अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के सहयोग के 3 प्रमुख क्षेत्र हैं जिसमें सामग्री विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और बायोमेडिसिन और नई और नवीकरणीय ऊर्जा प्रमुख हैं।

Session three of the Meet worked out on the BRICS STI Framework Program. Highlighting the progress of BRICS he said, ''I am pleased to know that the BRICS STI cooperation has, in a short time of 3­4 years, progressed well. A total of 58 BRICS collaborative projects in ten thematic areas have already been supported and additional 33 projects have been selected for funding this year. I am glad to note that India is participating in 49 on­going R&D projects and partner in 24 out of 33 new projects selected for funding this year. The 3 lead areas of cooperation of these R&D projects are Material science, biotechnology & biomedicine and New & Renewable energy.

बैठक के चौथे सत्र में नवाचार ब्रिक्स नेटवर्क पर चर्चा की, जहां डॉ वर्धन ने कहा, कि ब्रिक्स देशों के विज्ञान पार्कों, इन्क्यूबेटरों के नेटवर्क में समाज की जरूरतों के प्रति योगदान और प्रभाव के लिए नवाचार के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करने की क्षमता है। राष्ट्रों की आर्थिक वृद्धि के लिए भारत BRICS नेटवर्क स्थापित करने के प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन करता है।

The session four discussed Innovation BRICS Network where Dr Vardhan spoke during his remark, that the BRICS network of science parks, incubators and accelerators of the BRICS countries has the potential to cooperate in different areas of innovation for contributing towards the needs of the society and impacting the economic growth of our nations. India fully supports the proposal to establish iBRICS network.

पांचवा सत्र न्यू ब्रिक्स एसटीआई आर्किटेक्चर और स्थायी तंत्र पर था, जिसके बाद डिस्कशन, डिक्लेरेशन और ब्रिक्स एसटीआई एक्शन प्लान 2018-19 के डिस्कशन और अडॉप्शन पर चर्चा हुई। ब्रिक्स मीट के समापन के बाद, डॉ हर्षवर्धन ने ब्राजील के कैंपिनास में विश्व-प्रसिद्घ ब्रेज़िलियन बायोरेनवेबल्स नेशनल लैब (एलएनबीआर) का दौरा किया। एलएनबीआर बाहरी साझेदारों के साथ संयुक्त अनुसंधान विकसित करता है, साझेदारी के माध्यम से नवाचार का समर्थन करने वाले वैज्ञानिक और तकनीकी समुदायों को अपनी सुविधाएं प्रदान करता है। यह विश्व प्रसिद्ध ब्रेज़िलियन लैब 2018 में औद्योगिक जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के साथ नई साझेदारी स्थापित करने के लिए CNPEM के अनुसंधान एजेंडा को सुदृढ़ करने के लिए स्थापित की गई थी।

Session five was on New BRICS STI Architecture and Permanent Mechanism which was followed by session six on Discussion and Adoption of Durban Declaration and BRICS STI Action Plan 2018-19. on 21st of September, 2019, 7th #BRICS #stiministerial Meet with theme-BRICS : Economic Growth for Innovative Future'' ended with firm resolutions viz prioritizing the strengthening of cooperation in STI, we reaffirm adherence to intensifying STI joint pursuits among BRICS nations &improve partnership in progress.