23 सितंबर 2019: आयुष्मान भारत - PMJAY के एक साल पूरा होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के लिए एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और अपनी एक वर्ष की सफल यात्रा के अनुभव का वर्णन किया।



23 September 2019: Ayushman Bharat - Union Minister of Health and Family Welfare, Science and Technology and Earth Sciences, Dr. Harsh Vardhan today addressed a press conference for the international media in Delhi and described the experience of his one-year success on completion of one year of PMJAY. Described the experience of the trip.



इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत- PMJAY, दुनिया की सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम आज अपनी पहली वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर देशवासियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी का सपना है कि गरीबों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं एक अधिकार के रूप में मिले। इसी कड़ी में 1 साल पूर्व 55 करोड़ गरीबों के लिए इस योजना का आग़ाज़ किया था। उन्होंने कहा कि देश के 32 राज्यों में यह योजना सफलतापूर्वक चल रही है। आयुष्मान भारत योजना में IT की उच्चतम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि लाभार्थी को तुरंत इलाज की सुविधा सुगमता से मिल सके। उच्च तकनीक के जरिए योजना में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आयुष्मान भारत के एक साल पूरे होने पर उन्होंने देशवासियों से इस योजना को एक जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने उन प्राइवेट अस्पतालों से भी इस योजना से जुड़ने की अपील की, जो अभी तक PMJAY से नहीं जुड़े हैं।

On this occasion, he said that Ayushman Bharat-PMJAY, the world's largest government healthcare program is celebrating its first anniversary today. Congratulating the countrymen on this occasion, he said that Modi Ji's dream is that the poor gets quality health services as a right. In the same direction one year ago, this scheme was launched for the 55 crores poor. He said that the scheme is running successfully in 32 states of the country. The highest technology of IT has been used in Ayushman Bharat scheme, so that the beneficiary can get immediate treatment easily. Extensive arrangements have also been made to prevent corruption in the scheme by utilizing high technology. On the completion of one year of Ayushman Bharat, he appealed to the countrymen to make this scheme a mass movement. Through his appeal, Dr Harsh Vardhan also invited private hospitals to be which are not yet connected to PMJAY.

उन्होंने कहा कि सरकार अपने नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए काम कर रही है। आयुष्मान भारत योजना एक रोग मुक्त भारत की दिशा में हमारी लड़ाई है। आयुष्मान भारत का एक वर्ष गवाह है कि पहले वर्ष में ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 4.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर के उपचार का लाभ उठाया गया और इसके तहत अब तक 21,000 से अधिक हेल्थ और वेलनेस सेंटर परिचालन में हैं।

He said that the government is working to provide the best healthcare to its citizens. Ayushman Bharat Yojana is our fight towards a disease-free India. Ayushman is a witness to one year of India availing treatment worth US $ 4.7 million under the Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana in the first year and more than 21,000 health and wellness centers are in operation till date.

प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयुष्मान योजना का लागू नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जहां पूरे देश का कमजोर वर्ग इसका लाभ ले रहा है, वहीं दिल्ली के लोग इस लाभ से वंचित हैं। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री का पदभार संभालने के तुरंत बाद मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। फिर उनसे फोन पर बात भी की लेकिन वे इस योजना को दिल्ली में लागू करने के लिए नहीं माने। इस महत्त्वाकांक्षी योजना से दिल्ली के गरीबों को दूर रखना दुर्भाग्यपूर्ण है।

Dr Harsh Vardhan said, in response to a question in the press conference, that the non-implementation of Ayushman scheme in Delhi is unfortunate. While the weaker section of the entire country is taking advantage of it, the people of Delhi are deprived of this benefit. Dr. Harsh Vardhan said that soon after assuming the charge of Health and Family Welfare Minister, I wrote a letter to the Chief Minister of Delhi. Then he also talked to them over the phone but they did not agree to implement this scheme in Delhi. It is unfortunate to keep the poor of Delhi away from this ambitious scheme.

आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा है, जो यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज हासिल करने की दिशा में भारत सरकार के प्रयासों को मजबूत करेगी। यह महज एक स्वास्थ्य सेवा योजना ही नहीं है बल्कि उससे भी बड़े स्तर की योजना है। यह अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में लोगों का एक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य क्षेत्र को बदलने जा रही है। 2018 में शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत एक साल में करीब 47 लाख लोगों का इलाज हुआ है जबकि अब तक इस योजना पर 7500 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इस योजना के तहत 21 हजार से अधिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों की स्थापना हुई है और हर दिन करीब 25 हजार मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जाता है। इस योजना के तहत अब तक दो सेकंड में एक ई-कार्ड की दर से 10 करोड़ लोगों को ई-कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर आयुष्मान भारत के कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री इंदू भूषण जी भी मौजूद थे।

Ayushman Bharat is the world's largest public healthcare service, which will strengthen the efforts of the Government of India towards achieving universal health coverage. This is not only a health care scheme, but a much bigger level of planning. It is a movement of people towards good health and welfare. He said that I am happy to announce that the Ayushman Bharat Scheme is going to change the health sector. About 47 lakh people have been treated in one year under the Ayushman Bharat Scheme, which started in 2018, while till now, 7500 crore rupees have been spent on this scheme. More than 21 thousand health and welfare centers have been established under this scheme and every day about 25 thousand patients are admitted to the hospitals. Under this scheme, so far E-cards have been made available to 10 crore people at the rate of one E-card being made in two seconds. On the occasion, Executive Officer (CEO) of Ayushman Bharat, Shri Indu Bhushan Ji was also present.