01 अक्टूबर 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘आरोग्‍य मंथन’ कार्यशाला में शिरकत की। आयुष्‍मान भारत योजना के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्‍य में राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य प्राधिकरण (NHA) की ओर से यह कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस अवसर पर गरीबों के लिए मुफ्त पांच लाख रुपये तक के इलाज में आयुष्मान भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि इससे न सिर्फ मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध हो रही है, बल्कि छोटे-छोटे शहरों में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा भी तैयार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 5-7 सालों में आयुष्मान भारत, रेलवे के बाद सबसे अधिक रोजगार मुहैया कराने वाला क्षेत्र बन जाएगा।



उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत का पहला वर्ष संकल्प, समर्पण व सीख का रहा है। ये भारत की संकल्प शक्ति ही है कि दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम, हम भारत में सफलता के साथ चला रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 46 लाख गरीब लोगों में बीमारी की निराशा से स्वस्थ होने की आशा जगाना बहुत बड़ी सिद्धि है। इस एक वर्ष में किसी एक व्यक्ति की जमीन, घर, गहने या कोई अन्य सामान बिकने से बचा है तो ये बहुत बड़ी सफलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि PMJAY अब 'गरीबों की जय' बन गई है। जब गरीब का बच्चा या घर का एक मात्र कमाने वाला स्वस्थ होकर निकलता है तो आयुष्मान होने का अर्थ समझ आता है। उन्होंने कहा कि इस महान कार्य में जुटे हर साथी को मैं साधुवाद देता हूं, बधाई देता हूं।

आरोग्य मंथन के समापन सत्र के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि कहा कि नवरात्र के इस पावन दिन व आयुष्मान भारत के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर हमें देवी मां का आभार प्रकट करना चाहिए कि भारत आज विश्व में एक महाशक्ति बनकर उभर रहा है और हमारे शत्रु हर मोर्चे पर विफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जो अप्रत्याशित व अभूतपूर्व सत्कार मिला वो हम भारतीयों के लिए गर्व की बात है। डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि वास्तव में हम धन्य हैं कि हमें एक ऐसा नेता मिला जिसने हमें गहरी नींद से जगाया और निष्क्रियता से बाहर निकाला। यदि 2014 में नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री नहीं होते तो देश गरीबी, भुखमरी, अभाव और अनैतिकता की तरफ बढ़ रहा होता। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक डॉक्टर हूं और देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की कठिन चुनौतियों से परिचित हूं लेकिन मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि भारत एक दिन सार्वभौमिक स्वास्थ्य की ओर इतनी तेज गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत के बारे में दुनिया की धारणा अब बदल चुकी है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आज अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग और सूचकांकों में कई पायदान ऊपर चढ़ चुका है। देश आर्थिक व पर्यावरणीय अस्थिरता से लड़ते हुए गरीबी को हराकर 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देश में करोड़ों गरीब परिवारों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना 'आयुष्‍मान भारत के लिए एक नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया। इसके साथ ही उन्होंने आयुष्मान भारत स्टार्ट-अप ग्रैंड चैलेंज' की शुरुआत की व एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। इससे पहले डॉ हर्ष वर्धन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विज्ञान भवन में आयुष्मान भारत के 1 वर्ष की उपलब्धियों को दर्शाती एक हाईटेक प्रदर्शनी का भी अवलोकन कराया।

आरोग्य मंथन' कार्यशाला के दूसरे दिन के पहले सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना एक दिन में बनकर तैयार नहीं हुई। इसके लिए मंत्रालय में गहन विचार मंथन चला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विज़न, दृढ़संकल्प और इच्छाशक्ति के कारण ही इस वृहद योजना का जन्म संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कहीं से भी कोई अच्छा विचार आता है तो वे उसपर तुरंत काम करते हैं और उस विचार को परिणाम में परिवर्तित करते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे विचार और उनपर किया गया गुणात्मक मंथन सफलता में परिवर्तित होता है। 2 अक्टूबर का दिन मेरे लिए काफी अहम है, ना सिर्फ इसलिए कि इसदिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म हुआ था बल्कि इसलिए भी कि इस दिन मेरे द्वारा चलाए गए पल्स पोलियो अभियान को 25 साल पूरे हो रहे हैं।