12 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन आज मैसूर में आरोग्य भारती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल की बैठक में शामिल हुए । कार्यक्रम में उनके साथ आरोग्य भारती के अध्यक्ष डॉ प्रवीण भावसार जी, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रमेश गौतम जी, संरक्षक राघवेंद्र कुलकर्णी जी व राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुनील जोशी जी उपस्थिति थे। इस अवसर पर उन्होंने आरोग्य भारती की स्मारिका 'भारतीय स्वास्थ्य परंपरा' का भी विमोचन किया।



इस दौरान अपने संबोधन में डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि बैठक के उद्घाटन समारोह में मुझे सुत्तूर मठ के जगद्गुरु श्री श्री शिवरात्रि देशिकेंद्र महास्वामी जी का सानिध्य व आशीर्वाद प्राप्त हुआ । मुझे गर्व है कि मैं आरोग्य भारती की स्थापना के समय से ही इस संस्था से जुड़ा हुआ हूं ।

उन्होंने कहा कि आरोग्य भारती का मूल उद्देश्य भारतीय स्वास्थ्य चिंतन को आधार बनाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है । आरोग्य भारती सभी प्रकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में रूची रखने वाले व्यक्तियों का एक स्वयंसेवी संगठन है जो भारतीय जीवन मूल्यों को आधार मानकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रचलित विभिन्न पद्वतियों के प्रति सम्मान के भाव के साथ सेवाभावी व्यक्तियों को संगठित कर स्वस्थ्य राष्ट्र के निर्माण में प्रयासरत है। आरोग्य भारती का मानना है कि पश्चिम सभ्यता के विकास एवं प्रभाव के साथ हमारे देश में स्वास्थ्य सेवाएं केवल रूग्ण चिकित्सा तक ही सीमित रह गई हैं तथा वह भी चिकित्सालय एवं डॉक्टर केन्द्रीत हो गई हैं। संगठन मानता है कि सामान्य व्यक्तियों के रोग निवारण हेतु कोई बड़े चिकित्सालय और डॉक्टर की आवश्यकता नहीं है। हर व्यक्ति और समाज इतना जागरूक शिक्षित एवं साधन संपन्न हो कि वह स्वयं इन समस्याओं का समाधान कर सके । भारतीय स्वास्थ्य चिंतन को आधार बनाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य जागरण कर स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना ही आरोग्य भारती का मूल उद्देश्य है।