13 नवंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने दिल्ली में आज Academy of Scientific & Innovative Research के 'Best PhD Thesis Award (2018)' और 'Academy Professorship Investiture' समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उनके साथ अकादमी के चेयरमैन प्रोफेसर चन्द्रशेखर और CSIR के महानिदेशक श्री शेखर मांडे जी मौजूद रहे। ये पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ थीसस के लिए दिए गए।



पुरस्कार समारोह में अपने संबोधन के दौरान, डॉ हर्ष वर्धन ने अनुसंधान संस्कृति और संस्थागत प्रक्रियाओं में आमूलचूल परिवर्तन का आह्वान किया, ताकि युवा वैज्ञानिकों को अलग प्रकार से सलाह दी जाए और उनकी रचनात्मक सोच को गति प्रदान की जाए। विद्वानों को संबोधित करते हुए, उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को अपनी doctoral research को जारी रखते हुए, जुनून के साथ शोध का विषय चुनना चाहिए। समस्याओं के लिए उनका नया दृष्टिकोण हमें नवीन समाधान खोजने में मदद करेगा।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि टीबी के मरीजों को आसानी से दवा उपलब्ध कराने के लिए आज जो डॉटस सेंटर चल रहे हैं, उसकी अवधारणा सबसे पहले उन्होंने वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर तैयार की थी। उस समय वो दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री थे। तात्पर्य यह है कि, इलाज में समरूपता जरुरी है। उन्होंने कहा कि PhD को और ज्यादा अर्थपूर्ण बनाने के लिए हमें ऐसे विषय का चुनाव करना चाहिए जिस पर हम आगे चलकर कुछ नया कर सकें। हमें PhD करने वालों को इस बात के लिए भी प्रेरित करना चाहिए कि वो ऐसे विषय पर पीएचडी करें जिसमें समाज का हित निहित हो।

उन्होंने कहा कि मेरा व्यक्तिगत अनुभव कहता है कि अगर आप में किसी काम को पूरा करने का जज्बा है और आप उस पर गहराई से काम करते हैं तो फिर आप अपने उस मिशन में अकेले नहीं रहते। आपके मिशन को सफल बनाने के लिए पूरी दुनिया आपसे जुड़ती चली जाती है। उन्होंने बताया कि CSIR ने कई ऐतिहासिक काम किए हैं। दुनिया के 1200 संस्थानों में यह 10वें नंबर पर है। लेकिन अब इस यात्रा को तार्किक चरमोत्कर्ष पर ले जाने की जरूरत है। इसके लिए हमें हर स्तर पर मेहनत और लगन से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान के पास देश की हर अनसुलझी समस्या का समाधान है। लेकिन उसके लिए कैसे लगातार काम किया जाए यह महत्वपूर्ण है। अगर थीसिस लिखने वाले छोटे-छोटे विषयों पर काम करें तो देश की सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।