14 नवंबर 2019: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने की दिशा में आज हमने एक कदम और आगे बढ़ाया है, यह बात आज केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के झज्जर कैंपस में 800 बिस्तरों वाले विश्राम सदन का भूमि पूजन करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि 800 बिस्तरों वाले इस विश्राम सदन के बन जाने से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी राहत मिलेगी। इसका निर्माण करीब 80 करोड़ की लागत से इन्फोसिस फाउंडेशन करा रहा है जिसके लिए एम्स ने विभिन्न कंपनियों के CSR फंड से बजट इकट्ठा करने की योजना बनाई है। झज्जर में 2035 करोड़ रु की लागत से National Cancer Institute के पहले चरण का उद्घाटन पीएम नरेन्द्र मोदी ने 12 फरवरी 2019 को किया था जो विश्राम सदन के बिल्कुल पास है। इसके बन जाने से लंबे समय तक यहां रहकर कैंसर का इलाज कराने वाले मरीजों को इससे काफी सुविधा होगी।



इस बीच उन्होंने विश्राम सदन के पास स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का दौरा किया। अधिकारियों ने डॉ हर्ष वर्धन को राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के संबंध में परिचयात्मक प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान भारत सरकार की प्रमुख परियोजना है जिसमें 2035 करोड़ रुपये की लागत आई है। उन्होंने एम्स और इन्फोसिस फाउंडेशन की टीमों से इस संबंध में बातचीत की। उन्होंने नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की समीक्षा यात्रा के दौरान वार्डों का दौरा किया, मरीजों से बातचीत की और इसकी विशेष सुविधाओं को देखा। इस दौरान डॉ हर्ष वर्धन ने 500 सीटों वाले एक वृहद सभागार और AMRIT फार्मेसी का उद्घाटन का भी उद्घाटन किया। यह फार्मेसी कैंसर और हृदय रोगों से लड़ने के लिए आवश्यक व कम लागत वाली दवाएं प्रदान करेगी। NCI की समीक्षा यात्रा के दौरान, केन्द्रीय मंत्री ने एम्स, दिल्ली के झज्जर कैंपस में रोबोट कोर लैब का दौरा किया। यह भारत में व्यापक डिजिटल रूप से सक्षम स्वास्थ्य सेवा प्रणाली प्रदान करने की ओर एक और कदम है।

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज बहुत खुशी की बात है कि इन्फोसिस फाउंडेशन की मदद से विश्राम सदन की योजना एक बेहद पवित्र सोच के साथ शुरू की गई है। 800 बिस्तरों वाले इस विश्राम सदन के अगले डेढ़ से दो साल में बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि इसकी जमीन सरकार द्वारा दी जा रही है जबकि इसको बनाने का खर्च इन्फोसिस उठाएगा। इसके बन जाने से देश के विभिन्न भागों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज के दौरान काफी समय तक अस्पताल में रूकना पड़ता है और इस दौरान मरीज के परिजनों को बाहर खुले में रहना पड़ता था लेकिन अब इस विश्राम घर के बनने से वो इसका लाभ ले सकते हैं।