25 सितंबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज एम्स के 64वें स्थापना दिवस के अवसर पर 'सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा' विषय पर एक प्रदर्शनी का उद्धाटन किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे जी भी उपस्थित थे। डॉ हर्ष वर्धन ने एम्स की उपलब्धियों पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा के महत्व और इस दिशा में AIIMS के अब तक के योगदान को दर्शाया गया है। इस प्रदर्शनी का महत्व इसलिए भी है क्योंकि सार्वभौमिक स्वास्थ्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का बड़ा सपना है। पिछले 6 दशकों से गुणवत्तायुक्‍त स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में AIIMS का सफर बेहद गौरवपूर्ण रहा है।



कार्यक्रम में अपने संबोधन में डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि 25 सितंबर का दिन भाजपा के लिए बहुत ही पवित्र दिन है क्योंकि आज ही के दिन हमारे पूर्वज और एक महान नेता दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है। आज सुबह मुझे उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि मैं 90 के दशक के उस समय को याद करता हूं जब हमने दिल्ली में पोलियो अभियान की शुरूआत की थी। उस समय एम्स के डॉक्टर्स, नर्स और अन्य स्टाफ ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देशवासियों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर हैं और आज जब पूरा विश्व यूनिवर्सल हेल्थ की बात करता है तो प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उनकी महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत से 47 लाख लोग फायदा उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब पूरा विश्व टीबी को 2030 तक खत्म करने की बात करता है तो हमने उसके लिए 2025 का लक्ष्य स्थापित किया है।

उन्होंने एम्स के डॉक्टर्स से कहा कि एम्स सिर्फ एक मेडिकल कालेज या रिसर्च सेंटर नहीं है, बल्कि उसे दूसरे संस्थानों के लिए मेंटर बनने की भी जरूरत है। उन्होंने एम्स के डॉक्टरों और छात्रों से मोदी जी के NewIndia के सपने को साकार करने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें हेल्थ फॉर ऑल के लिए कार्य करते हुए अपने- अपने स्तर से योगदान देना है। प्रधानमंत्री 2022 तक देश को न्यू इंडिया में परिवर्तित करना चाहते हैं इसलिए उसमें आपको भी योगदान देना है।

स्थापना दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने एक एप लॉच किया। इससे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स के डॉक्टर व कर्मचारी आपात स्थिति में एक-दूसरे से तत्काल संपर्क स्थापित कर सकेंगे। संस्थान की ओर से ऐसा मोबाइल एप तैयार किया गया है जिसमें सभी डॉक्टर व कर्मचारियों के फोन नंबर तक मौजूद होंगे।