08 नवंबर 2019: कोलकाता में भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के तीसरे दिन केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों के कॉन्क्लेव के संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी मेहनत और कठिन परिश्रम से खूब प्रगति की है।



डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि यह कॉन्क्लेव युवा महिलाओं के बीच वैज्ञानिक और तकनीकी स्वभाव को विकसित करने के लिए और अवसर पैदा करेगा। यह महिलाओं को विज्ञान, तकनीक और नवाचार में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा। हमारे देश में महिलाएं तकनीकी उन्नति में सबसे आगे हैं। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित संतोष देवी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि, राजस्थान की रहने वाली संतोष देवी एक अनुकरणीय महिला हैं जो सफलतापूर्वक जैविक खेती करती हैं और 25 लाख प्रतिवर्ष कमाती हैं।

ISF2019 में 'महिला वैज्ञानिक सम्मेलन' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं अधिक कर्तव्यनिष्ठ व संवेदनशील होती हैं। इसलिए वे समस्याओं की तुरंत पहचान करने और विज्ञान के माध्यम से उनका हल तलाशने में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र की एक महिला ममता भेंगरे से मुलाकात की। ममता ने अपनी अभिनव सोच की एक मिसाल पेश करते हुए वर्मी कम्पोस्ट से बने ब्रिकेट्स के उपयोग ने क्षेत्र में जैविक कृषि आंदोलन में क्रांति ला दी है। महिला वैज्ञानिक और उद्यमी कॉन्क्लेव सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी की राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली के साथ मुलाकात की। समाज में महिलाओं के योगदान पर उनके विचारों को सुनना एक अच्छा अनुभव था। इस दौरान डॉ हर्ष वर्धन ने प्रतिनिधियों को सम्मानित किया और महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों को पुरस्कार प्रदान किए।