10 अक्टूबर 2019: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया है कि वे अपने राज्य के बजट का कम से कम 8 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवा में खर्च करने के लिए बढ़ाए ताकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के 2.5 प्रतिशत जीडीपी लक्ष्य को हासिल किया जा सके। डॉ. हर्षवर्धन आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद के 13वें सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, विशेषकर भारत पोलियों मुक्त हो गया है ऐसा हमारे सामूहिक प्रयासों के कारण हुआ है। इस अवसर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे, डॉ. वी. के. पॉल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव सुश्री प्रीति सूदन और 13 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री उपस्थित थे।



डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण परिषद की बैठक का उद्देश्य देश की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर सहमति कायम करना है। देश की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं में आयुष्मान भारत के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, तपेदिक रोक की समाप्ति और चिकित्सा संरचना को मजबूत बनाने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं को राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में खर्च बढ़ाकर सामूहिक रूप से हासिल किया जा सकता है। ताकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के 2025 तक जीडीपी के 2.5 प्रतिशत स्वास्थ्य खर्च के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि पहली बार सरकार स्वास्थ्य सेवा के प्रति संकल्पबद्ध है और स्वास्थ्य सेवा सरकार के शीर्ष एजेंडा में है।

उन्होंने कहा कि हाल में संपन्न संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा के चार स्तंभों पर बल दिया जिसमें सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, मिशन मोड कार्यक्रम, गुणवत्ता संपन्न तथा पहुंच योग्य किफायती स्वास्थ्य सेवा और पर्याप्त बुनियादी संरचना शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में सामाजिक आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फिट राइट एंड फिट इंडिया आंदोलन को समन्वित तरीके से राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा चलाया जाना चाहिए ताकि स्वस्थ्य और मजबूत भारत सुनिश्चित हो सके।

उद्घाटन सत्र में डॉ. हर्षवर्धन ने विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ सुरक्षित मातृत्व आश्वासन अभियान SUMAN पर एक पुस्तिका और उसकी वेबसाइट का लोकार्पण किया। अब मातृत्व व नवजात की सुरक्षा से जुड़ी मौजूदा सभी योजनाएं SUMAN के अधीन आ जाएंगी। इसके अतिरिक्त डॉ हर्षवर्धन ने अपने सहयोगी केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे के साथ National Diabetes & Diabetic Retinopathy Survey India 2015-19 पर एक रिपोर्ट भी जारी की ।