नवम्बर 30, 2019: आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 10वें अंगदान दिवस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने की। इस दौरान उनके सहयोगी राज्यमंत्री श्री अश्वनी चौबे जी भी उपस्थित थे। इसका आयोजन नेशनल ऑर्गन & टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाईजेशन (NOTTO) द्वारा किया गया था।



ऑर्गन डोनेशन डे समारोह में गणमान्य नागरिकों के साथ एक विशिष्ट मेहमान श्री नारायणन स्वामी भी शामिल हुए। एक दुर्घटना में अपने दोनों हाथ खोने के बाद उनके हाथों का प्रत्यारोपण किया गया है।ऑर्गन डोनेशन डे समारोह में इसी संदेश को दर्शाते हुए स्कूली छात्रों ने एक नुक्कड नाटक पेश कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। अंगदान के प्रति जागरूकता लाने की दिशा में बच्चों की यह पहल प्रशंसनीय है। अंगदान करके आप किसी की जिंदगी को नई उम्मीद से भर सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि अपने अंगदान से दूसरे को जीवन देकर कुछ इंसान भगवान बन जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने ऑर्गन डोनेशन डे समारोह में अपनों के “अंग” दान कर दूसरों के जीवन को रोशन करने वालों से मिलकर उन्हें सम्मानित किया। डॉ साहब के लिए ये बेहद भावुक क्षण था और उन्होंने अपने हृदय की गहराइयों से सभी दानी परिवारों को नमन् किया।

10वें भारतीय अंगदान दिवस समारोह को संबोधित करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि अंगदान मन की महानता का प्रतीक है, जो न केवल आपको बल्कि दूसरे को भी खुशी देता है। कहते हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं, वही असल में जीते हैं, बाकी लोग जीते हुए भी मृतक के समान हैं। इस अवसर पर डॉ हर्ष वर्धन ने लोगों को मरणोपरांत अंग दान करने की शपथ दिलाई। साथ ही लोगों को अंगदान हेतु दूसरों को भी जागरूक करने की भी शपथ दिलाई।

केंद्रीय मंत्री ने खुशी से कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जारी आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में अमेरिका के बाद भारत में प्रत्यारोपण सबसे अधिक सफल रहा है। इसके लिए उन्होंने 'National Organ & Tissue Transplant Organisation को बधाई दी और कहा कि अभी इस दिशा में बहुत काम करना बाकी है।

समारोह में डॉ हर्ष वर्धन ने 'दधीचि देहदान समिति' की भी चर्चा की जिसके एक कार्यक्रम में उन्होंने अपनी पत्नी के संग देहदान का संकल्प कानूनी रूप से लिया था। केंद्रीय मंत्री ने संकल्प लिया है कि उनका शरीर उस मेडिकल कॉलेज को दिया जाए जहां से उन्होंने डॉक्टरी की पढाई की। हाल में देह दान करने वाले एक वरिष्ठ नेता जी के परिवारवालों को जब कुछ दिनों बाद डॉ साहब ने बताया कि उनके शरीर पर 8 मेडिकल छात्र अध्ययन कर रहे हैं तो वे बेहद भावुक हो उठे। उन्हें यह जानकर सुखद अनुभूति हुई कि मृत देह पर अध्ययन कर सभी छात्र एक दिन डॉक्टर बनकर समाज के काम आयेंगे|

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि अंगदान को बढ़ावा देने के लिए छात्रों व मेडिकल कॉलेजों को आगे आना होगा। सभी कॉलेजों को चाहिए कि हर साल अंगदान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर फेस्टिवल का आयोजन करें, जिससे अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता फैले। इसके लिए सरकार हर तरह की मदद देगी।

उन्होंने बताया कि अंगदान को लेकर अभी कानून में भी कुछ कमियां हो सकती है, लेकिन यह आंदोलन रूकना नहीं चाहिए। समाज में देह दान करने वालों का अभिनंदन होना चाहिए। इस तरह के कार्यक्रम हर जगह होने चाहिये।

आज अंगदान के लिए लोगों को प्रोत्साहित और प्रेरित करने की जरूरत है। किसी के अंतिम समय में उसके परिवारवालों को अंगदान के लिए प्रेरित करना एक चुनौती भरा काम है। एक प्रशिक्षित और प्रतिबद्ध कॉर्डिनेटर इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।