Science has capacity to resolve several unresolved problems: Dr Harsh Vardhan


विज्ञान दुनिया की अनसुलझी समस्याओं का समाधान करने की क्षमता रखता है



केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन, अंतराष्ट्रीय सांस्कृतिक अध्ययन केन्द्र में आधुनिक विज्ञान का भारतीय आधार विषय पर दसवां चमनलाल जी स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान अपने व्याख्यान में, उन्होंने कहा कि 25 साल के सार्वजनिक जीवन के दौरान मुझे कई बार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका मिला लेकिन आज के इस कार्यक्रम में आने से मुझे असीम सुख की प्राप्ति हो रही है।



नई दिल्ली ( मार्च 25,2019) : केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीए पृथ्वी विज्ञानए पर्यावरण और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धनए अंतराष्ट्रीय सांस्कृतिक अध्ययन केन्द्र में आधुनिक विज्ञान का भारतीय आधार विषय पर दसवां चमनलाल जी स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में शामिल हुए।

New Delhi (March 25, 2019) Union Minister for Science and Technology, Earth Sciences, Environment and Forests and Climate Change, Dr. Harsh Vardhan today attended the 10th Chamanlal Ji Smriti Lecture program at International Cultural Studies. The theme of the program was modern science and India.

इस दौरान अपने व्याख्यान मेंए उन्होंने कहा कि 25 साल के सार्वजनिक जीवन के दौरान मुझे कई बार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका मिला लेकिन आज के इस कार्यक्रम में आने से मुझे असीम सुख की प्राप्ति हो रही है।

Speaking on the occasion, Dr Harsh Vardhan said in the past 25 years of his public life he got opportunity to participate in several national and international programs, but by attending in Chamanlal Ji Smriti Lecture program he is feeling very happy.

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में रहते हुए एक बार जब मैं श्री चमनलाल जी से मिलने गया तब मुझे पता चला कि वो कितने महान व्यक्तित्व वाले स्वयंसेवक थे। चमनलाल जी इतने करिश्माई व्यक्ति थे कि उनको शब्दों में बयां नही किया जा सकता है। संघ को कई देशों में प्रचारित.प्रसारित करने वाले श्री चमनलाल जी सादा जीवन उच्च विचार में रहने वाले एक महान व्यक्ति थे। झंडेवालान के संघ कार्यालय को उन्होंने जिस तरह से विकसित किया उसे भुलाया नहीं जा सकता है।

Dr. Harsh Vardhan said that while working for RSS, once he went to meet Chamanlal Ji who was a great personality. No words can be sufficient enough to describe about Chamanlal Ji. Leading a simple life, Chamanlal Ji was spreading messages for RSS in foreign countries. The way he developed the Sangh's office in Jhandevalan, it cannot be forgotten.

केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा जीवन भर स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कृपा से 2014 में मुझे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में काम करने का मौका मिला। भारत का विज्ञान और उसकी नींव इतनी मजबूत है कि दुनिया की कई अनसुलझी समस्याओं का समाधान करने की क्षमता रखता है।

Union Minister Dr. Harsh Vardhan said that he has worked throughout his life in the health sector, but thanks to Prime Minister Shri Narendra Modi Ji I got an opportunity to work in the Ministry of Science and Technology and Earth Sciences in 2014. Science has the ability to solve many unresolved problems of the world.

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी 2030 तक भारत को दुनिया के प्रमुख तीन वैज्ञानिक देशों में देखना चाहते हैं। आज दुनिया के 44 प्रमुख देशों के साथ विज्ञान के क्षेत्र में हमारे मजबूत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि आज हम सुनामी की पूर्व सूचना देने की तकनीक में विश्व का प्रथम देश हैं। इसके साथ विज्ञान प्रगति के क्षेत्र में भारत विश्व में दसवांएनवीकरण ऊर्जा के क्षेत्र में चौथा स्थान है।

Prime Minister Shri Narendra Modi wants to see India becomes one of the world's top three scientific countries by 2030. Today, India has strong relations with 44 major countries in the field of science and technology. India is the first country in the world to give pre-notification of Tsunami. With this, India is at the tenth place in the field of science and technology and the fourth in renewable energy sector in the world.

नैनो टेक्नोलाजी में हम विश्व में तीसरेए साइंस से संबंधित प्रकाशनों के मामले में छठे स्थान पर हैं। विश्व के देशों में सरकारों द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त कुल 1207 अनुसंधान संस्थानों में भारत के सीएसआइआर का नौवां स्थान है।

In nanotechnology, India is at the third place in the world, and the sixth in science related publications. Similarly, CSIR is at the ninth place out of the total of 1207 government-funded research institutions across the world..