देश से ज्यादा विदेशों में होती है आयुर्वेद की चर्चा : डॉ हर्ष वर्धन


राजधानी दिल्ली के जनपथ स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में सोमवार को तीसरे आयुर्वेद दिवस का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन, बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।



नई दिल्ली (5 नवंबर 2018) : राजधानी दिल्ली के जनपथ स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में सोमवार को तीसरे आयुर्वेद दिवस का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ हर्ष वर्धन, बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस मौके पर केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपाद एस नाईक, नीति आयोग के सदस्य विनोद के पॉल और मंत्रालय के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों समेत कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया है।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि मॉर्डन सिस्टम का डॉक्टर होने के वाबजूद मैं प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों का प्रेमी हूं और इस बात को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मेरे साथ काम करने वाले लोग इस बात को बखूबी जानते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का देश और दुनिया में जितना विस्तार होगा उतना ही मानव कल्याण के लिए उपयोगी होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमलोग सौभाग्यशाली हैं कि आज हमारे पास असाधारण प्रतिभा वाले विजनरी प्रधानमंत्री हैं जो आयुर्वेद और चिकित्सा पद्धति के साथ विज्ञान के महत्व को बखूबी समझते हैं। वो ये जानते हैं कि अगर हेल्थ फॉर ऑल लक्ष्य को हासिल करना है तो भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्सान देना होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों में भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। आज हम सुनामी की सटीक पूर्व चेतावनी देने में विश्व में नंबर वन होने के साथ Nanotechnology में विश्व में तीसरे स्थान पर हैं। साइंस पब्लिकेशन में हमलोगों का छठे स्थान पर हैं। साइंटिफिक पब्लिकेशन का ग्रोथ रेट 14 फीसदी है जबकि दुनिया का 4 फीसदी है। इसके साथ ही विश्वभर की 1207 संस्थानों में CSIR का स्थान विश्वभर में नौवां है।

डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि आयुर्वेद में बहुत ताकत है लेकिन दु:खद बात यह है कि देश से ज्यादा इसकी चर्चा विदेशों में होती है। आयुष और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को साथ मिलकर बहुत कुछ करने की जरूरत है ताकि हम आयुर्वेद की श्रेष्ठता को दुनिया में स्थापित कर सके। इस अवसर पर आयुर्वेद के क्षेत्र की कई हस्तियों के साथ छात्रों को भी सम्मानित किया गया है।