डॉ हर्ष वर्धन ने Technology Summit 2018 का किया उद्घाटन


केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन एवं मंत्रालय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय India-Italy Technology Summit 2018 का उद्घाटन किया।.



नई दिल्ली (29 अक्टूबर) : केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन एवं मंत्रालय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय India-Italy Technology Summit 2018 का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह के मौके पर इटली के Ministry Of Economic Development मंत्रालय के उपमंत्री डॉ Michele Geraci, इटली के विदेश मंत्रालय के Cultural and Economic Promotion and Innovation के डायरेक्टर जनरल Vincenzo De Luca के अलावा व्यापार, विज्ञान और अनुसंधान क्षेत्र क 200 से ज्यादा गणमान्य लोग मौजूद रहे।

शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत और इटली के बीच राजनयिक,विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग वर्षों पुराना है। इस शिखर सम्मेलन से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और इटली के बीच रिश्ते में मजबूत हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2017 में इटली के प्रधानमंत्री Gentiloni से मुलाकात की थी, तब से दोनों से रिश्तों में लगातार मजबूती आ रही है। विज्ञान, अनुसंधान और कारोबार के क्षेत्र में यह सहयोग भविष्य में दोनों देशों के बीच संबंधों के आधार स्तंभ साबित होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और इटली दोनों देश उच्च गुणवता वाले रिसर्च और अनुसंधान में साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अनुसंधान और विकास Collaboration में विज्ञान के पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करने की जरूरत है ताकि रिसर्च और अनुसंधान से लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

दो दिवसीय Technology Summit 2018 के समापान समारोह को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली के प्रधानमंत्री गिउसेपे कोंटे संबोधित करेंगे। इस वर्ष के शिखर सम्मेलन के लिए Aerospace, Clean tech, Cultural Heritage, Education, Health care, ICT and Renewables जैसे सात फोकस क्षेत्र हैं। शिखर सम्मेलन के कुल 11 सम्मेलन सत्र होंगे।

वैश्विक प्रौद्योगिकी सहयोग को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से 23 साल पहले इस सम्मेलन की शुरुआत की गई थी। इज़राइल,जर्मनी, फ्रांस, ताइवान, थाईलैंड, रूस, कनाडा, एशियान ब्लॉक, बेलारूस, फिनलैंड, स्पेन, दक्षिण कोरिया और यूएसए समेत कई देश प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन में साझेदार देश रह चुके हैं।