मोदी सरकार के बेमिसाल चार साल

साफ नीयत, सही विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार 2014 में एक भारतश्रेष्ठ भारतऔर सबका साथ, सबका विकासके नारे के साथ सत्ता में आई। भाजपा सरकार सत्ता में अपने चार वर्ष पूरे कर चुकी है और वह इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सुधार लाने में सफल भी रही। लालफीताशाही पर अंकुश लगाकर विकास की गति को तेज करने के साथ ही मौजूदा सरकार ने भ्रष्टाचार पर शून्य सहिष्णुता यानी जीरो टॉलरेंस की अपनी नीति के साथ वित्तीय अनुशासन पर बल दिया ताकि देश को विकसित देशों की जमात में लाकर खड़ा किया जा सके।

 यह देश राजनेताओं ने नहीं बनाया हैयह देश शासकों ने नहीं बनाया हैयह देश सरकारों ने भी नहीं बनाया हैयह देश हमारे किसानों ने बनाया हैहमारे मजदूरों ने बनाया हैहमारी माताओं और बहनों ने बनाया हैहमारे नौजवानों ने बनाया हैहमारे देश के ऋषियों नेमुनियों नेआचार्यों नेशिक्षकों नेवैज्ञानिकों नेसमाजसेवकों नेपीढ़ी दर पीढ़ी कोटि-कोटि जनों की तपस्या से आज राष्ट्र यहां पहुंचा है। देश के लिए जीवन भर साधना करने वाली ये सभी पीढ़ियांसभी महानुभाव अभिनन्दन के अधिकारी हैं। यह भारत के संविधान की शोभा हैभारत के संविधान का सामर्थ्य है कि एक छोटे से नगर के गरीब परिवार के एक बालक ने आज लाल किले के प्राचीर पर भारत के तिरंगे झंडे के सामने सिर झुकाने का सौभाग्य प्राप्त किया। यह भारत के लोकतंत्र की ताकत हैयह भारत के संविधान रचयिताओं की हमें दी हुई अनमोल सौगात है। मैं भारत के संविधान के निर्माताओं को इस पर नमन करता हूं  ”

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 15 अगस्त, 2014 को लाल किले के प्राचीर से

महत्त्वपूर्ण योजनाएं

विमुद्रीकरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी भारत का वादा किया था। इसी के तहत भ्रष्टाचार कालेधन पर जबर्दस्त चोट करते हुए उन्होंने 500 और 1000 के नोट पर प्रतिबंध लगाने का सख्त फैसला लिया। उनके इस ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम ने देश में लंबे समय से जारी काले धन की समानांतर अर्थव्यवस्था की जड़ें हिला दी। भ्रष्टाचार पर अब तक की यह सबसे गहरी मार थी। देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने आतंकियों और नक्सलियों की इसने कमर तोड़ दी और हवाला कारोबार पर अंकुश लगाया।

डिजिटल अर्थव्यवस्था

विमुद्रीकरण को प्रभावी एवं कारगर बनाने का लक्ष्य डिजिटल अर्थव्यस्था से हासिल किया जा सकता है। इसके जरिए लेनदेन को पारदर्शी बनाकर अवैध लेनदेन को प्रतिबंधित किया जाता है। डिजिटल अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत है कि यह लोगों को सशक्त बनाता है। सरकार आसानी से प्रोत्साहन और छूट की राशि को आधार से जोड़े गए खातों में सीधे स्थानांतरित कर सकती है। डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक हिस्सा -गवर्नेंस है, जहां सभी सरकारी सेवाओं का वितरण इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जाएगा। इससे लालफीताशाही पर जहां अंकुश लगेगा, वहीं लोगों की असुविधाएं कम हो जाएंगी। 

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)

एक देश, एक कर की परिकल्पना के साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को एक जुलाई, 2017 को देशभर में लागू किया गया। एक देश एक कर की वजह से वस्तुओं पर लगने वाले करों में करीब 25-30 फीसदी तक गिरावट आई। इस नई कर व्यवस्था से जहां व्यापार करने में सुगमता आई है, वहीं कर राजस्व संग्रह में वृद्धि का अनुमान है।

स्वच्छ भारत-हरित भारत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की नई दिल्लीके राजपथ पर शुरूआत करते हुए कहा था कि “एक स्वच्छ भारत के द्वारा ही देश 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर अपनी सर्वोत्तम श्रद्धांजलि दे सकते हैं।” 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन देश भर में व्यापक तौर पर राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया गया था। इस अभियान के अंतर्गत 2 अक्टूबर 2019 तक “स्वच्छ भारत” की परिकल्पना को साकार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा चलाया गया सबसे महत्वपूर्ण स्वच्छता अभियान है। इसके तहत हर घर में शौचालयस्वच्छ गांव और स्वच्छ

पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था का लक्ष्य है। अब तक 7.25 करोड़ से अधिक शौचालय का निर्माण किया जा चुका है। 2014 में स्वच्छता का दायरा जहां 38 फीसदी था, वह अब बढ़कर 83 फीसदी हो चुका है। अब तक 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 3.6 लाख गांव खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं।

11.21 लाख सरकारी स्कूलों के कुल 13.77 करोड़ बच्चों को स्कूलों में शौचालय की सुविधा मिल रही है।

हरित भारत मिशन

भारत द्वारा जलवायु परिवर्तन के प्रति स्वयं को अनुकूलित करने और विकास पथ की पारिस्थितिकी निरंतरता को बनाए रखने हेतु 30 जून, 2008 कोजलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य-योजनाजारी किया गया। इसके तहत आठ राष्ट्रीय मिशनों को शामिल किया गया है जो इस प्रकार हैं-राष्ट्रीय सौर मिशन, राष्ट्रीय संवर्धित ऊर्जा बचत मिशन, राष्ट्रीय सतत पर्यावास मिशन, राष्ट्रीय जल मिशन, राष्ट्रीय हिमालयी परिप्रणाली परिरक्षण मिशन, राष्ट्रीय ग्रीन इंडिया मिशन, राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन और राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्यनीतिक ज्ञान मिशन। 20 फरवरी, 2014 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति द्वारा (सीसीईए) केंद्र प्रायोजित योजना के रूप मेंराष्ट्रीय ग्रीन इंडिया मिशनको मंजूरी प्रदान की गई। इसका लक्ष्य भारत के घटते वन क्षेत्र का संरक्षण, पुनर्वनीकरण और वन क्षेत्र में वृद्धि करना है। साथ ही अनुकूलन एवं शमन उपायों के द्वारा जलवायु परिवर्तन का सामना करना है। इसके तहत हरियाली के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की परिकल्पना की गई है। साथ ही, कई पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं, विशेष रूप से, जैवविविधता, जल, बायोमास, मैंग्रोव संरक्षण, झीलों, संकटमय पर्यावासों आदि पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है। इस मिशन का क्रियान्वयन सार्वजनिक और निजी दोनों ही भूमियों पर किया जाएगा। इस मिशन के अंतर्गत योजना बनाने, निर्णय लेने, कार्यान्वयन और निगरानी में स्थानीय समुदायों की महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी।

प्रधानमंत्री जनधन योजना

आज़ादी के बाद से अबतक देश में गरीबों को बैंकों से दूर रखा गया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस फासले को मिटाने का काम किया है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उन्होंने गरीबों को बैंकों में मुफ्त में खाता खोलने का मौका दिया है। इस योजना के तहत अबतक करीब 31.52 करोड़ नए खाताधारक बैंकिंग सिस्टम में जुड़े हैंजिन्होंने इससे पहले बैंक का मुंह नहीं देखा था। ये योजना जहां एक तरफ गरीबों को सशक्त करने का काम कर रही हैवहीं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के चलते भ्रष्टाचार के एक बहुत बड़े रास्ते को सरकार ने हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दिया है। वहीं इंडियन पोस्टल बैंक ने बैंकिंग सिस्टम को गरीबों के घर-घर तक पहुंचा दिया है।

बजट संबंधी सुधार

केंद्र सरकार ने आम बजट पेश करने की तारीख को बदलते हुए बजट पेश करने की तिथि 1 फरवरी कर दी ताकि सभी मंत्रालयों को अगले वित्त वर्ष से निर्णयों को लागू करने में सहूलियत हो। वहीं आम बजट में रेल बजट को मिलाने के फैसले से रेलवे सरकार के राजकोषीय नीति के केंद्र में गई। इसके साथ ही योजनागत और गैर योजनागत खर्चों का वर्गीकरण हटाकर उसे एकीकृत बनाना गया।  

बैंकिंग क्षेत्र में सुधार

वैश्विक प्रतियोगिता से निपटने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में पांच बैंकों का विलय किया गया। इससे जहां कार्य कुशलता बढ़ेगीवहीं प्रणाली गत खर्च में कमी आएगी। इसके अलावा भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डाले जानेशीर्ष प्रबंधन पद पर नियुक्ति संबंधी नियमों में बदलाव तथा कालाधन की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए कागज रहित लेन-देन की शुरुआत जैसे उपाय शामिल किए गए हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना

यह योजना छोटे और मझोले कारोबारियों को आर्थिक मदद देकर उनके व्यापार में सहयोग करने के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत 10 लाख रुपए तक का बैंकों से ऋण देने की व्यवस्था है। इस योजना के तहत वर्ष 2018-19 में उद्यमियों को 3.0 लाख करोड़ का ऋण देने का लक्ष्य है। ऋण की कुल राशि का 76 फीसदी हिस्सा महिला उद्यमियों को मिला है, जबकि 50 फीसदी से अधिक अनुसूचित जाति जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को ऋण जारी किया गया।

डिजिटल इंडिया


सहभागी, उत्तरदायी और पारदर्शी सरकार के लिए सूचनाओं तक डिजिटल पहुंच अत्यावश्यक है। इसके तहत सरकारी विभागों को देश की जनता से जोड़ना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना कागज़ के इस्तेमाल के सरकारी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से जनता तक पहुंच सकें। इस योजना का एक उद्देश्य ग्रामीण इलाकों को हाई स्पीड इंटरनेट के माध्यम से जोड़ना भी है। भारत को डिजिटल रूप से सशक्त ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए सरकार और हितधारकों के बीच की दूरी को पाटने के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। सरकार ने 2.5 लाख गांवों को वाईफाई हॉटस्पॉट सक्षम इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए 7.5 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल्स (ओएफसी) लगाने की महत्त्वाकांक्षी योजना शुरू की है। पहले से ही 2.37 किलोमीटर ओएफसी बिछाया जा चुका है। मई 2014 के महज 59 पंचायतों की जगह अब 1.15 लाख पंचायत इससे जोड़े जा चुके हैं। 2014 में जहां महज 83000 सेवा केंद्र थे, वे 2014 में बढ़कर 2.92 लाख हो गए हैं। सरकार ने एक राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन भी शुरू किया हैताकि 2020 तक प्रत्येक परिवार में कम से कम एक व्यक्ति डिजिटल साक्षर हो जाए।  

मेक इन इंडिया


भारत को स्वावलंबी बनाने के मकसद के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया पहल की शुरुआत की ताकि आने वाले वर्षों में भारत निर्माण क्षेत्र का केंद्र बन सके। इसके तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और विदेशी निवेशकों को भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश करने के लिए आकर्षित करने के लिए यह शुरू किया गया। भारत की करीब 35 फीसदी आबादी युवा है और उसके पास एक विशाल कार्य बल है। भारत के पास निर्माण केंद्र बनने की क्षमता है। भारतीय उद्योगों के लिए यहां का विशाल बाजार एक अतिरिक्त लाभ की तरह है।  

कौशल भारत (स्किल इंडिया)


मेक इन इंडिया को सफल बनाने के लिए कौशल का विकास प्राथमिक और महत्त्वपूर्ण कदम है। स्किल इंडिया अभियान यानी कि कौशल भारत अभियान के जरिए युवाओं के हुनर को तराशने का कार्य किया जाता है। सरकार खासकर ग्रामीण और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के युवाओं को हुनरमंद बनाना चाहती है। इसके तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की मदद से युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए द्वार खुल रहे हैं। 2015-2016 के अंत तक भारत भर में 375 ट्रेडों में 13000 कौशल विकास केंद्र खोले जा चुके हैं और कुल 19.85 लाख युवाओं को इनमें प्रशिक्षित किया गया, जिसमें से करीब 50 फीसदी लड़कियां थीं।

स्टैंड अप इंडिया

मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बल देने के लिए दो महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम स्टैंड अप इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया की शुरुआत की गई। अनुसूचित जातिपिछड़े वर्गजनजातियों और महिला उद्यमियों के लिए भारत सरकार द्वारा की गई यह एक नई पहल है। इस योजना को आधिकारिक तौर पर सेक्टर 62, नोएडा में 5 अप्रैल, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था। यह मूल रूप से देश के निचले वर्गों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक ऋण योजना है।

स्टार्ट अप इंडिया

दस हजार के कोष से शुरू हुई स्टार्ट अप इंडिया योजना के तहत 2020 तक करीब ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देकर उनके हुनर और ज्ञान के जरिए देश की तरक्की में उनके योगदान को सुनिश्चित करना, इसका लक्ष्य है।

किसान का मान, देश का सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अनुकूल नीतिगत पहल का वादा किया है ताकि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार बनी रहे। इसलिए वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने का लक्ष्य है।

रिकॉर्ड आवंटन और रिकॉर्ड परिणाम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

इस योजना ने देश के किसानों की खेती के प्रति राय बदल दी है। जो लोग खेती को रोजगार के अंतिम उपाय के तौर पर देखते थेइस योजना ने उनकी सोच बदल दी है। मोदी सरकार का संकल्प है कि साल 2022 तक देश के किसानों की आय दो गुनी हो जाए। फसल बीमा योजना के क्षेत्र में यह केंद्र सरकार की अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय सहायता है। इस योजना के तहत अब तक 4.05 करोड़ किसान बीमा हासिल कर चुके हैं और 379.06 हेक्टेयर भूमि के लिए 1,31,519 करोड़ का बीमा किया गया है।  

प्रधानमंत्री आवास योजना (अपना घर, अपनी छत)

अपना खुद का घर होना हर इंसान का एक सपना होता है। लोगों के इसी उम्मीद को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2022 तक सबको घर देने का वादा किया है। ये योजना मिशन मोड में जारी है। सरकार लोगों को सस्ते घर बनवाकर भी दे रही है और घर खरीदने में भी मदद देने को तैयार बैठी है। मोदी सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से यह योजना भी एक है। इसके तहत शहरों में अबतक करीब 7 लाख पक्के घरों का निर्माण हो चुका है। जबकि ग्रामीण इलाकों में ये योजना पूरे युद्धस्तर पर जारी है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना की शुरुआत 500 करोड़ रुपए के प्रारंभिक आवंटन के साथ 25 जुलाई, 2015 को पटना में की थी। इसके तहत देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। सरकार आजादी के बाद से पिछले 70 सालों से अंधेरे में डूबे कुल 18,452 गांवों तक बिजली पहुंचाने में सफलता पाई। इसके साथ ही देश के पांच लाख, 97 हजार, 464 गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया।  

उजाला योजना


भारत सरकार ने 5 जनवरी 2015 को इस योजना की शुरुआत की ताकि सभी को किफायती दरों पर एलईडी बल्ब मिल सके। अब तक पिछले चार वर्षों में 29.83 एलईडी बल्ब वितरित किए जा चुके हैं। इससे जहां सालाना 15,497 करोड़ रुपए की बचत हो रही है, वहीं प्रति वर्ष कार्बन उत्सर्जन में कटौती हुई है।

आयुष्मान भारत (स्वस्थ भारत, सबल भारत)

आयुष्मान भारत योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना के अंतर्गत जरूरतमंद प्रत्येक परिवार को पांच लाख तक की बीमा सुरक्षा दी जाएगी। इस बीमा योजना से करीब 50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।

 मिशन इंद्रधनुष


मिशन इंद्रधनुष अभियान को सुशासन दिवस 25 दिसंबर 2014 अवसर पर प्रारंभ किया गया था ' इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाला मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य उन बच्चों का 2020 तक टीकाकरण करना है, जिन्हें टीके नहीं लगे हैं या डिफ्थेरिया ,बलगम, टिटनस ,पोलियो ,तपेदिक ,खसरा तथा हेपिटाइटिस-बी को रोकने जैसे सात टीके आंशिक रूप से लगे हैं। इसका लक्ष्य 2020 तक देश के कम से कम 90 फीसदी बच्चों को टीका लगाकर सुरक्षित करना है। अब तक इसके चार चरण संपन्न हो चुके हैं, जिसमें देश के 528 जिलों में 3.15 बच्चों का टीकाकरण हो चुका है और 80.63 लाख गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया गया है।

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना सामान्य रूप में देश के विभिन्न भागों मेंसस्ती/विश्वसनीय स्वास्थ् सेवाओं की की उपलब्धता की विसंगतियों को दूर करना है और विशेष रूप से राज्यों में गुणवत्ता चिकित्सा शिक्षा को हासिल करने की सुविधाओं का विस्तार करना है। इस योजना को मार्च 2006 में मंजूरी दी गई थी। वहीं, सबके लिए स्वास्थ्य के लक्ष्य के साथ सरकार ने 1054 अत्यावश्यक दवाओं जिनमें जीवन रक्षक दवाएं भी हैं की कीमत पर नियंत्रण लगा दिया है। साथ ही सरकार ने कार्डिएक स्टेंट्स और घुटनों के उपकरणों की कीमतों को नियंत्रण में ला दिया है। जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए 2 नवंबर 2017 तक 3000 जनऔषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। इसके अलावा 83 अमृत स्टोर भी खोले गए हैं। आंकड़े के मुताबिक अब तक 17.97 लाख मरीज अमृत स्टोर से लाभान्वित हो चुके हैं और उन्हें करीब 103.55 करोड़ रुपए की बचत हुई है।  

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम

किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित लाखों रोगियों को डायलिसिस के महंगे खर्च से राहत पहुंचाने के लिए 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस' कार्यक्रम की सरकार ने शुरुआत की।

सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) के आधार पर शुरू किए गए इस कार्यक्रम के जरिए देशभर में ज्यादातर जिला अस्पतालों में यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है। कार्यक्रम के तहत गरीब रोगियों को मुफ्त में और अन्य को सब्सिडी के साथ यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसे वर्ष 2016 में शुरू किया गया। गौरतलब है कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2016-17 के बजट प्रस्ताव में देश के हर जिले में एक डायलिसिस केंद्र खोलने के प्रस्ताव की घोषणा की थी। अब तक कुल 479 डायलिसिस केंद्र संचालित हो रहे हैं जिनसे 17.97 लाख मरीज लाभान्वित हुए हैं और करीब 103.55 करोड़ रुपए की उन्हें बचत हुई है।

स्वास्थ्य के लिए योग


योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है। जिसमें शरीरमन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का काम होता है। योग के माध्यम से शरीरमन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है। तीनों के स्वस्थ रहने से आप स्वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। योग के जरिए सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता हैबल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव-ऊर्जा का संचार करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के अपने संबोधन में विश्व से योग के महत्त्व को समझते हुए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की अपील की थी। उनके अनुरोध पर यूएन ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाने का संकल्प लिया। एक साल बादयूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में योग को शामिल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून, 2015 को नई दिल्ली में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया।

बेटी बचाओबेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओबेटी पढ़ाओ योजना की रूपरेखा गिरते शिशु लिंगानुपात के समाधान के लिए बनाई गई है। प्रारंभ में 2015 मेंचुने हुए 100 जिलों में यह योजना शुरू की गई। यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ स्वास्थ् एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक त्रि- मंत्रिस्तरीय पहल है। 19 अप्रैल 2016 को 11 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के कम लिंगानुपात वाले 61 अतिरिक्त जिलों में ‘बेटी बचाओबेटी पढ़ाओ कार्यक्रम’ (बीबीबीपीकी शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के पहले साल में बीबीबीपी जिलों में जन्म के समय लिंगानुपात में 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। बीबीबीपी जिलों में जन्म के समय लिंगानुपात में न्यूनतम 10 अंकों की वृद्धि का लक्ष्य है और अगले पांच सालों में धीरे-धीरे इसे और अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना से कुछ अन्य उपलब्धियां भी हासिल हुईं हैंजिसमें बालिकाओं के स्कूल ड्रॉपआउट में गिरावट, 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसवहर गांव में गुड्डा-गुड़िया बोर्ड का गठनलड़कियों/महिलाओं की सुरक्षा एवं स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की व्यवस्था भी शामिल है।

सुकन्या समृद्धि योजना

बेटी घर की लक्ष्मी है। बेटी की पढ़ाई और उसकी शादी आप चिंतामुक्त होकर कर सकें इसके लिए सरकार हर कदम आपके साथ है। पैसे की चिंता को दूर करने के लिए मोदी सरकार की योजना है सुकन्या समृद्धि योजना देश की बेटी आत्मनिर्भर बने और तरक्की करेइसके लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कैंपेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी। अब देश की हर बच्ची का भविष्य सुरक्षित रहेगा और उसका अपना एक सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट होगा। अब तक 1.26 बालिकाओं के खाते इसके तहत खोले जा चुके हैं और उनमें करीब 20,000 करोड़ रुपए जमा हुए हैं।

मातृत्व अवकाश

मोदी सरकार ने मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया। यह विश्व की अब तक की सबसे लंबी अवधि का मातृत्व अवकाश है। प्रसूति प्रसुविधा (संशोधन) विधेयक 2016 में कामकाजी महिलाओं की आवश्यकताओं को देखते हुए इसमें यह प्रावधान किया गया है, ताकि माताएं अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकें। दो बच्चों के मामलों में यह सुविधा 26 सप्ताह की होगी। इसके बाद यह सुविधा 12 हफ्ते की होगी। विधेयक में किसी माता को घर से काम करने की सुविधा को सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया है। 50 से अधिक कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों के लिए शिशु कक्ष (क्रेच) की व्यवस्था अनिवार्य होगी। माताओं को प्रति दिन चार बार शिशु कक्ष जाने जाने की अनुमति होगी।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना


स्वच्छ ईंधन बेहतर जीवन के नारे के साथ इस योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत गरीब परिवार की महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन दिए जाने की व्यवस्था है। इस योजना के तहत 8 करोड़ गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिए जाने हैंताकि माताएं और बहनों की सेहत की सुरक्षा हो सके। अब तक इस स्कीम के तहत 3.8 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन बांटे जा चुके हैं। मोदी सरकार की अकेली इस योजना ने गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाली महिलाओं का अब जीवन के प्रति नजरिया ही बदल दिया है। कैबिनेट ने इसके लिए अगले 3 वर्षों के लिए 8000 करोड़ की राशि को मंजूरी दी है। इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बलिया में 1 मई, 2016 को किया था।

नमामि गंगे

गंगा मां की सेवा करने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। लगता है मेरी नियति में मां की सेवा करना लिखा है।

गंगा नदी का सिर्फ़ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्त्व है बल्कि देश की 40% आबादी गंगा नदी पर निर्भर है। 2014 में न्यूयॉर्क में मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था, “अगर हम इसे साफ करने में सक्षम हो गए तो यह देश की 40 फीसदी आबादी के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी। अतः गंगा की सफाई एक आर्थिक एजेंडा भी है।इस सोच को कार्यान्वित करने के लिए सरकार ने गंगा नदी के प्रदूषण को समाप्त करने और नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ‘नमामि गंगे’ नामक एक एकीकृत गंगा संरक्षण मिशन का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नदी की सफाई के लिए बजट को चार गुना करते हुए पर 2019-2020 तक नदी की सफाई पर 20,000 करोड़ रुपए खर्च करने की केंद्र की प्रस्तावित कार्य योजना को मंजूरी दे दी और इसे 100% केंद्रीय हिस्सेदारी के साथ एक केंद्रीय योजना का रूप दिया।

संवर्धित भारत-स्वावलंबी भारत


भारत ने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी विकास किया है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में इसने अब तक बेमिसाल कामयाबी हासिल की है। भारत विश्व का पहला देश है, जिसने अपने पहले प्रयास में ही मंगल अभियान में सफलता पाई। यह अभियान 5 नवंबर, 2013 को शुरू हुआ था।

15 फरवरी, 2017 को भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में विकास की एक नई इबारत लिखते हुए इसरो से एक साथ 104 उपग्रह को अंतरिक्ष में छोड़ा। इन उपग्रहों में 96 अमेरिका के थे।

12 जनवरी, 2018 को भारत ने मौसम की निगरानी के लिए सौवां उपग्रह कार्टोसेट 2 सिरीज को सफलता पूर्वक लांच किया। जनवरी, 2018 को भारत ने विश्व का चौथा सबसे तेज़ सुपर कंप्यूटर प्रत्यूष का अनावरण किया और इसी के साथ भारत ऐसे सुपर कंप्यूटर की क्षमता हासिल करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया।

खेलो इंडिया


खेलो इंडिया योजना भारत के इतिहास में एक अभूतपूर्व प्रयास है। इसका लक्ष्य देश में खेल की स्थिति स्तर में सुधार करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस कार्यक्रम को मंजूरी दी। 2017-18 से 2019-20 अवधि के इस खेल कार्यक्रम पर 1756 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस खेल कार्यक्रम को व्यक्तिगत विकाससामुदायिक विकासआर्थिक विकास और राष्ट्रीय विकास के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह कार्यक्रम खेल के पूरे पारिस्थितिकीय तंत्र को प्रभावित करेगाजिसमें बुनियादी ढांचासामुदायिक खेलप्रतिभा की पहचानउत्कृष्टता के लिए प्रशिक्षणप्रतियोगिता संरचना और खेल अर्थव्यवस्था शामिल है। इस योजना के तहत चुने गए हर एथलीट को सालाना तौर पर 5 लाख रुपए की छात्रवृत्ति 8 साल तक लगातार मिलेगी।

पहला खेलो इंडिया स्कूल गेम्स का उद्घाटन 31 जनवरी, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। जिसमें 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के 3,507 खिलाड़ियों ने भाग लिया था।

विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस पैरा एथलीट के लिए पहला प्रशिक्षण केंद्र 5 फरवरी, 2017 को गुजरात के गांधीनगर में खोला गया