India in the league of advanced nations in S&T: Dr Harsh Vardhan


Giving details of India’s progress in the field of science and technology, Dr Harsh Vardhan said, India is in the 6th position in the world in scientific publications.


New Delhi – Science & Technology Minister Dr Harsh Vardhan said, India is in the league of advanced nations in science and technology. In an interview to All India Radio on “Four Years of Modi Government”, he said today India is in a position to talk on equal terms with every nation.  

नई दिल्ली। आकाशवाणी, दिल्ली की ओर से आयोजित ‘चार साल मोदी सरकार’ की विशेष श्रृंखला में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत बेहतर स्थान पर है। जबकि कई मामलों में हम दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। आज विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान को लेकर साझेदारी की बात होती है तो भारत किसी अन्य देश से कम नहीं बल्कि कहीं ज्यादा ही है।

Giving details of India’s progress in the field of science and technology, Dr Harsh Vardhan said, India is in the 6th position in the world in scientific publications. India’s growth rate of scientific publications is around 14% as against the world average of 4%. Likewise, India is third globally in nanotech research, which is an emerging filed. He said, CSIR has achieved 9th rank in the world among 1207 government institutions, whereas the overall ranking of CSIR is 75 among government and public R&D institutions. CSIR’s labs are spread across the country, developing newer technologies, in the service of the nation.

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने चार साल की उपलब्धियों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उपलब्धियों का अंतर्राष्ट्रीय मानक पर जब अध्ययन करेंगे तो यह मालूम होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विज्ञान कितना आगे गया है। उन्होंने कुछ आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साइंस्टिफिक पब्लिकेशन के मामले में भारत छठे स्थान पर है। संसार में इसका ग्रोथ रेट 4 प्रतिशत है, जबकि भारत का 14 प्रतिशत है। इसी तरह नैनो टेनोलॉजी के विकास में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है। यह बिल्कुल नई तकनीक है।  

The minister said, India has acquired the fourth fastest computer in the world for weather forecasting – only America, Japan and England are ahead of India in weather forecasting. He said India’s contribution in scientific research have tripled in the last few years. On innovation front too, India is far ahead, only China and America are ahead of India.  

उन्होंने कहा कि कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान करने वाली देश की सबसे बड़ी प्रतिष्ठित संस्था सीएसआईआर है। इसका स्थान दुनिया में 9वां है। विश्व में सीएसआईआर की तरह ही सरकार और निजी मदद से चलने वाली करीब 5250 संस्थाएं हैं। उसमें सीएसआईआर 75वें स्थान पर है। इसकी प्रयोगशालाएं देश भर में फैली हुई हैं। नई-नई तकनीक को विकसित करता है। जो इंड्ट्रीज के माध्यम से जनता के हित के लिए जनता तक पहुंचाता है और जिनका इस्तेमाल करके लोगों को अपना जीवन सरल और सहज बनाने में सहयोग मिलता है।

The minister said, Prime Minister Narendra Modi has been very supportive of the scientific community and he wants research should be for development of the society.

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि मौसम पूर्वानुमान के क्षेत्र में भी भारत किसी से कम नहीं है। मौसम पूर्वानुमान के क्षेत्र में भारत के पास सुपरपावर कम्प्यूटिंग की सुविधा मौजूद है। जिसमें भारत के पास एक पेटा फ्लॉप की क्षमता है। इस मामले में हम से आगे सिर्फ अमेरिका, जापान और इंग्लैंड है। वहीं सुनामी के पूर्वानुमान में हम दुनिया में कहीं बेहतर हैं। पिछले सालों के अंदर वैज्ञानिक अनुसंधान में भारत का योगदान तीन गुणा है। कम समय में अनुसंधान के क्षेत्र में भारत तीसरे स्थान पर है। ठीक इसी तरह साइंस्टिफिक इनोवेशन में भारत तीसरे स्थान पर है। हम से आगे सिर्फ चीन और अमेरिका ही है।

उन्होंने कहा कि इन तमाम उपलब्धियों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हम कहां से कहां तक पहुंच गए। आज दुनिया में किसी भी देश के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझेदारी की बात होती है तो भारत कहीं बेहतर ही है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि मैं साइंस एवं टेनोलॉजी मंत्री हूं।