India committed to reduce dependence on Fossil Fuel: Prime Minister Modi


In his address to the plenary of the World Environment Day celebrations, he said India will further reduce dependence on fossil fuel, which is environmentally degrading. He said, India is also on track to meet its Copenhagen Pledge to reduce emission intensity of India’s GDP by 20-25 per cent over 2005 levels by 2020.


New Delhi (June 05) – Prime Minister Narendra Modi reiterated India’s commitment to reduce emission intensity of the GDP by 33-35 per cent during 2005-2030. In his address to the plenary of the World Environment Day celebrations, he said India will further reduce dependence on fossil fuel, which is environmentally degrading.  He said, India is also on track to meet its Copenhagen Pledge to reduce emission intensity of India’s GDP by 20-25 per cent over 2005 levels by 2020.

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2005-2030 के बीच सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की उत्सर्जन तीव्रता को 33-35 फीसदी तक कम करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्ण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को आगे भी कम करेगा क्योंकि इससे पर्यावरण प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि भारत अपने कोपेनहेगन के संकल्प को पूरा की दिशा में भी अग्रसर है, जिसके अनुसार 2005-2020 तक भारत जीडीपी की 20-25 फीसदी उत्सर्जन तीव्रता में कमी लाएगा।

India was the global host of this year’s World Environment Day and New Delhi has put up an impressive array of events, actions and commemorations across the country leading upto the day.

गौरतलब है कि भारत इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस समारोह का वैश्विक मेजबान देश है और नई दिल्ली में आयोजित पूर्ण समारोह के पूर्व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से इस श्रृंखला में देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था।  

“We have launched the Make in India campaign. While doing so, we are laying stress on zero defect and zero effect manufacturing. This means manufacturing that is without defect, and which does not harm the environment. As part of the Nationally Determined Contributions, India is committed to reducing thirty-three to thirty-five percent of emission intensity of its GDP during 2005 to 2030. We are on track to meet the 2030 Nationally Determined Contribution. According to the UNEP Gap Report, India is also on track to meet its Copenhagen Pledge. We will reduce the emissions intensity of India's GDP by twenty to twenty-five percent over 2005 levels by 2020,” said Prime Minister Modi.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- हमने मेक इन इंडिया अभियान लांच किया। ऐसा करते हुए हमने निर्माण में शून्य दोष और शून्य प्रभाव पर जोर डाला। इसका मतलब है कि विनिर्माण बिना दोष के है और जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। निर्धारित राष्ट्रीय योगदान के हिस्से के रूप में भारत 2005 से 2030 के बीच अपने सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को 33-35 प्रतिशत तक कम करने को प्रतिबद्ध है। हम 2030 तक अपने निर्धारित योगदान को पूरा करने की दिशा में अग्रसर हैं। यूएनईपी गैप रिपोर्ट के अनुसार भारत अपने कोपेनहेगन संकल्प को पूरा करने की दिशा में बढ़ रहा है। भारत 2020 तक जीडीपी की उत्सर्जन तीव्रता को 20 से 25 फीसदी तक कम कर देगा। 

The Prime Minister said, the country should not compromise on environment in its quest for material prosperity.

“Environmental degradation hurts the poor and vulnerable, the most. It is the duty of each one of us, to ensure that the quest for material prosperity does not compromise our environment. As part of 2030 Agenda for Sustainable Development the world had agreed to the theme of “Leave No One Behind.” This is not possible without ensuring that we all come together to protect what Mother Nature has given us,” the prime minister told the plenary.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की भौतिक समृद्धि की चाह में पर्यावरण के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के स्तर में गिरावट का असर सबसे अधिक गरीबों और कमजोरों पर होता है। यह हमारा कर्तव्य है कि भौतिक समृद्धि के लिए पर्यावरण को दांव पर लगाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2030 के सतत विकास के वैश्विक लक्ष्य जिसकी थीम किसी को पीछे छोड़नाहै, को पाने के लिए सबको मां प्रकृति ने जो दिया है उसको संरक्षित करना होगा।    

Earlier Narendra Modi, accompanied by Environment, Forest & Climate Change Minister Dr Harsh Vardhan and his deputy Dr Mahesh Sharma visited the exhibitions, where Indian industry, public sector industries and research institutions have showcased several innovative solutions towards a pollution-free planet.

इससे पूर्व प्रधानमंत्री मोदी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा के साथ प्रदर्शनी स्थल गए और वहां प्रदूषण मुक्त धरती और स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्रदर्शित अभिनव समाधानों को देखा।

In his address, Dr Harsh Vardhan announced, India will eliminate all single use plastics by 2022. On a personal front, he also pledged to completely do away with single use plastics.

 “On this historic occasion today, we make a solemn pledge that by 2022 we shall eliminate all single use plastics from our beautiful country. Our beloved Prime Minister Shri Modiji has envisioned a New India by 2022. An India of our dreams, which shall be clean, poverty-free, corruption-free, terrorism-free, casteism-free and most of all, which will be a global superpower. This India of our dream shall also be single-use plastic free. And, on the personal front, I pledge to henceforth completely do away with single-use plastics.

The minister said, the government has also initiated action to ensure, all public buildings and public universities become free of single-use plastics.

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत 2022 तक एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर पूरी तरह अंकुश लगा देगा। उन्होंने व्यक्तिगत जीवन में भी एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक का उपयोग करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2022 तक एक नए भारत के निर्माण का सपना देखा है। एक ऐसे भारत का जो स्वच्छ हो, गरीबी से मुक्त हो, भ्रष्टाचार से मुक्त हो, आतंकवाद, अलगाववाद, जातिवाद से मुक्त हो और सही मायने में एक विश्वशक्ति हो।  उन्होंने कहा कि 2022 तक अपने सुंदर देश को एकल इस्तेमाल वाले प्लास्टिक से मुक्त कर देंगे।   

“To beat plastic pollution, we need an out of the box approach to designing, producing, using and managing plastic products through solutions that lead to Green Good Behaviour. In India we have framed comprehensive Plastic and Solid Waste Management Rules, which address all concerns related to plastics. Also taking cognizance of environmental degradation arising from the use of plastics, our government has initiated action to ensure that all public buildings and public universities become free of single-use plastics,” said Dr Harsh Vardhan.

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण को हराने के लिए हमें लीक से अलग सोचना होगा और डिजाइनिंग, उत्पादन और इस्तेमाल के लिए ऐसे समाधान निकालने होंगे जो पर्यावरण हितैषी हों। भारत में हमने व्यापक प्लास्टिक और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम तैयार किए हैं, जिसमें प्लास्टिक से संबंधित सभी चिंताओं पर ध्यान दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्लास्टिक के उपयोग से उत्पन्न पर्यावरणीय गिरावट को संज्ञान में लेते हुए हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की है कि सभी सार्वजनिक भवन और विश्वविद्याल एकल उपयोग प्लास्टिक से मुक्त हो जाएं।

Speaking on the occasion, Chief of UN Environment Erik Solheim reiterated, the World Environment Celebrations held in India was by far the most impressive, since it was first celebrated in 1974.

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के प्रमुख एरिक सोलेम ने एक बार फिर दोहराया कि पहली बार 1974 में आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस के समारोह के बाद से अब तक भारत को छोड़ किसी देश ने भी इतना भव्य और बेहतरीन कार्यक्रम नहीं किया।

The prime minister released a five publications, the UN Global Report on Plastic and four commemorative stamps on World Environment Day and its theme Beat Plastic Pollution on the occasion.

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने पांच पुस्तकों का विमोचन करने के साथ ही प्लास्टिक पर यूएन की वैश्विक रिपोर्ट और विश्व पर्यावरण दिवस के मद्देनजर डाक टिकट जारी किए। कार्यक्रम में केंद्रीय संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा पर्यावरण सचिव सीके मिश्र भी मौजूद थे।

कार्यक्रम के दौरान भारत की अग्रणी निजी सार्वजनिक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने एकल उपयोग प्लास्टिक की पैकेजिंग और अन्य इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने का संकल्प भी लिया।