Dr Harsh Vardhan visits Waste to Energy Plant in Copenhagen


Dr Harsh Vardhan visited a Waste to Energy plant in Copenhagen during his recent visit to Denmark. He was in Sweden to attend the Ninth Clean Energy Ministerial and Third Mission Innovation Ministerial in Copenhagen and Malmo respectively.


Copenhagen, Denmark (May 26) – Environment, Forest & Climate Change Minister Dr Harsh Vardhan visited a Waste to Energy plant in Copenhagen during his recent visit to Denmark. He was in Sweden to attend the Ninth Clean Energy Ministerial and Third Mission Innovation Ministerial in Copenhagen and Malmo respectively.

कोपेनहेगन, डेनमार्क। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन सह पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने डेनमार्क के कोपेनहेगन स्थित ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्लांट का भ्रमण किया। वे पिछले दिनों मंत्रियों की नौवीं क्लीन एनर्जी और तीसरी मिशन इनोवेशन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए डेनमार्क और स्वीडन में थे। इस दौरान वे तमाम अनुसंधान केंद्रों, प्रयोगशालाओं एवं संयंत्रों के दौरे किए।

The plant designed and developed by Babcock & Wilcox has a capacity to process approx. 1800-ton municipal waste of wide range of calorific value (6-20 MJ/kg) per day.

वेस्ट टू एनर्जी’ प्लांट का निर्माण और विकास बबकॉक एंड विलकॉक्स ने किया है। इसकी प्लांट की क्षमता करीब 1800 टन कचरे की है। नगरपालिका के कचरे से प्रतिदिन ऊष्मीय क्षमता 6-20 एमजे, प्रति किलोग्राम है।

This incineration based technology raises temperature upto 850-degree C and its stated unique wave forming technology leaves no residues and has near zero liquid discharge. The plant can handle various wastes including glass and plastics in a clean environment (without odour or spillage) and its stated emission performance was better than the standards. 

इसकी विशेषता है कि उच्चताप पर आधारित तकनीक के माध्यम से ताप को 850 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाया जाता है और वह भी बिना द्रव्य निकाले। इस प्लांट में विभिन्न तरह के कचरे को डाला जाता है। यहां तक कि ग्लास और प्लास्टिक के कचरे का भी उपयोग होता है। इससे पर्यावरण की रक्षा ही नहीं बल्कि वातावरण को साफ रखा जाता है। वहीं इसकी उत्पादन क्षमता किसी मानक से कम नहीं है।

Dr Harsh Vardhan discussed the waste collection & segregation methodology, revenue model and partnership with Municipality with the functionaries of the plant.

डॉ. हर्ष वर्धन ने कचरे के संग्रह और अगल-अलग करने की पद्धति, राजस्व मॉडल और नगरपालिका के साथ साझेदारी सहित तमाम विषयों पर चर्चा की।