Dr Harsh Vardhan visits MAX IV Facility at Lund, Sweden


Dr Harsh Vardhan visited MAX IV, the Swedish research facility for photon generation during his recent visit to that country. He was in Sweden to attend the Ninth Clean Energy Ministerial and Third Mission Innovation Ministerial in Copenhagen and Malmo respectively.


Lund, Sweden (May 26) – Science and Technology Minister Dr Harsh Vardhan visited MAX IV, the Swedish research facility for photon generation during his recent visit to that country. He was in Sweden to attend the Ninth Clean Energy Ministerial and Third Mission Innovation Ministerial in Copenhagen and Malmo respectively.

लुंड, स्वीडन। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने मैक्स-4 अनुसंधान केंद्र का दौरा किया। स्वीडन में मैक्सIV प्रोटॉन जेनेरेशन के लिए प्रतिष्ठित संस्थान है। हाल ही में मंत्रियों की 9वीं क्लीन एनर्जी और तीसरे मिशन इनोवेशन की बैठक में हिस्सा लेने स्वीडन के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने तमाम अनुसंधान केंद्रों का दौरा किया।

This facility is the world's most modern in its field, and is intended to be used by many disciplines as a powerful research tool in fields such as biology, chemistry, physics and medicine. It’s is open to researchers from other parts of the world based on peer reviewed assessment of research idea and experiment design.

दुनिया के कुछ चुनिंदा आधुनिक अनुसंधान केंद्रों में मैक्सIV का स्थान है। मैक्सIV में कई विषयों एवं भविष्य की योजनाओँ पर अनुसंधान की व्यवस्था की गई है। बायोलॉजी, केमेस्ट्री, फिजिक्स और मेडिसिन के क्षेत्र अनुसंधान के लिए अनुकूल केंद्र है। मैक्सIV अनुसंधान केंद्र में अन्य देश के शोधार्थी भी दाखिला ले सकते हैं। इसके लिए उनके शोध से जुड़े विचारों के मूल्यांकन की समीक्षा की जाएगी।

In addition, MAX IV will allow scientists to develop new materials and products that we cannot even imagine today, such as medications with better and more precise functions and fewer side-effects, nanoparticles for diverse areas of application, including paints, catalysis or computing, or lighter and stronger packaging materials for the future.

इसके साथ ही मैक्सIV अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिकों को नए पदार्थों के विकास की सुविधा मिलेगी। जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। जैसे कम साइड इफेक्ट वाली बेहतरीन दवाओं को विकसित की जा सकती है। इसके साथ ही हल्के एवं बेहतरीन पैकेजिंग सामग्री तैयार की जाएगी।