Dr Harsh Vardhan lauds Maharashtra govt’s plan to deploy electric vehicles


The MoU was signed in the presence of Union Minister for Environment, Forest & Climate Change Dr Harsh Vardhan, Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis and UN Environment Programme Executive Director Erik Solheim.


Mumbai – Maharashtra government signed a MoU with Tata Motors to deploy 1000 electric vehicles in the state. The MoU was signed in the presence of Union Minister for Environment, Forest & Climate Change Dr Harsh Vardhan, Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis and UN Environment Programme Executive Director Erik Solheim.

मुंबई। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मुंबई में गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के साथ टाटा मोटर्स और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सह पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, यूनाइटेड नेशन इनवार्मेट के कार्यकारी निदेशक एरिक सोलेम मौजूद थे।

Addressing the gathering on the occasion, Dr Harsh Vardhan lauded Maharashtra Government’s vision of e-mobility in the state. He said, India is working towards generating 175 Giga Watts of clean energy by 2022. The minister said, the government has also set a target of 100% electric mobility by 2030.

इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की इस पहल का मैं स्वागत करता हूं और कामना करता हूं कि यह सफल हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ग्रीन एनर्जी पर तेजी से काम हो रहा है। 2022 तक नए भारत के सपनों के साथ 175 गीगावाट ग्रीन एनर्जी के उत्पादन का लक्ष्य है। हमें अन्य वाहनों को -वाहन में तब्दील करने की कोशिश करनी चाहिए और इसे एक चुनौती के रूप में लेना चाहिए।

Deployment of electric vehicles would give a big boost to Maharashtra Electric Vehicle Policy 2018 and towards adopting e-mobility. While Tatas will provide both passenger and commercial electric vehicles in the state, it will also facilitate setting up of EV charging stations.

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से नई नीति -वाहन-2018 लागू की गई है। समारोह में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने महाराष्ट्र सरकार के साथ दो सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। पहले एमओयू के तहत कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन के पार्ट्स को देश में ही बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगीजबकि दूसरे एमओयू के तहत एक साल में महाराष्ट्र की सड़कों पर 1,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को उतारेगी।

On the occasion, Mahindra Motors signed two MoUs with Maharashtra Government for setting up manufacturing facility for spares of electric vehicles at an investment of Rs. 500 crores. Mahindra has also tied up with a car rental company for deployment of electric vehicles in Mumbai from World Environment Day 2018.

वहीं एक अन्य एमओयू के तहत टाटा मोटर्स भी महाराष्ट्र सरकार के साथ संयुक्त रूप से राज्य की सड़कों पर 1,000 इलेक्ट्रिक वाहनों को उतारेगा। यही नहीं, टाटा मोटर्स ने वाहन की चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए भी एमओयू साइन किया है। इस परियोजना में टाटा मोटर्स का सहयोग टाटा पावर करेगी।  

फिलहाल मुंबई में ही एक चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत की गई है जबकि मुंबई के ही गेट्वे ऑफ इंडिया पर कुछ -वाहनों को झंडी दिखाई गई। ज्ञात हो कि इलेक्ट्रिक वाहन की पहली खेप 25 2ओप्लस वाहन की होगीजिसे विश्व पर्यावरण दिवस के दिन मुंबई में जूमकार में शामिल किया जाएगा।