Dr Harsh Vardhan visits Gandhiji's home in Durban


Dr Harsh Vardhan visited “Sarvodaya”, Mahatma Gandhi’s home at Phoenix Settlement in Inanda, about 25 km from central Durban. The settlement was founded by Mohandas Gandhi in 1904. Gandhiji lived here for almost 21 years.


Durban, SA – Environment, Forest & Climate Change Minister Dr Harsh Vardhan visited “Sarvodaya”, Mahatma Gandhi’s home at Phoenix Settlement in Inanda, about 25 km from central Durban. The settlement was founded by Mohandas Gandhi in 1904. Gandhiji lived here for almost 21 years. He had run a newspaper “Indian Opinion” and Kasturba Gandhi had started a school for children here.

डरबन।  केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने सेंट्रल डरबन से 25 किलोमीटर दूर इनांडा स्थित महात्मा गांधी के घर सर्वोदय गए। महात्मा गांधी ने अपने दक्षिण अफ्रीका प्रवास के दौरान 1904 में फिनिक्स बस्ती की स्थापना की थी। गांधी जी यहां करीब 21 वर्षों तक रहे। यहां उन्होंने इंडियन ओपिनियन के नाम से अखबार निकाला था और कस्तूरबा गांधी ने यहां बच्चों के लिए एक स्कूल चलाया था।    

Dr Harsh Vardhanwas taken around the home, now converted into a memorial, by Gandhiji’s great grandson Kedar Gandhi. He offered floral tributes at the bust of Mahatma Gandhi in the complex, which was unveiled by then Vice President of India Bhairon Singh Shekhawat in 2004.

डॉ. हर्ष वर्धन ने पूरे परिसर का भ्रमण किया। इस ऐतिहासिक आवास को गांधी जी के पड़पोते केदार गांधी ने अब स्मारक में तब्दील कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने यहां गांधी जी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उल्लेखनीय है कि परिसर में बनी इस प्रतिमा का अनावरण भारत के पूर्व उप राषट्रपति भैरोसिंह शेखावत ने 2004 में किया था।  

The settlement was damaged in 1985 riots, when some African squatters occupied much of the area and named it Bambayi. Gandhiji’s house was restored by the Phoenix Settlement Trust with financial assistance from India and established a clinic, an HIV/AIDS Centre and other facilities to serve the people in the area – African and Indian.

इस बस्ती को 1985 में दंगे के दौरान क्षति पहुंचाई गई थी, जब कुछ अफ्रीकी असमाजिक तत्वों ने क्षेत्र के अधिकांश भाग पर कब्जा कर लिया था और उसे नया नाम बामबाई  दिया। गांधी जी के निवास को फिनिक्स सेटलमेंट ट्रस्ट ने भारत की वित्तीय मदद से पुनिर्विकसित किया और एक क्लिनिक एचआईवी एड्स केंद्र स्थापित किया।      

“The school here provided for all the Indian community during Apartheid, because the Indian community lived in the area, next to the primary school, which was also destroyed during the 1985 riots. Now, it is being run by the Department of Education. But we also have a small stake in it. We do advise them,” Kedar Gandhi told Dr Harsh Vardhan.

The memorial has several charts and portraits of India’s freedom struggle, launching of Satyagraha, Gandhiji’s valiant struggle against racial and colour discrimination, his achievements and various historical events.

In the adjoining Kasturba Gandhi School, approximately 1400 children study. There is also a crèche, orphanage alongwith the school.

Dr Harsh Vardhan was in Durban to attend the 4th BRICS Environment Minister’s meeting.

इस स्मारक में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कई तस्वीरें दर्शाई गई हैं। निःसंदेह यह स्मारक गांधी जी के कई ऐतिहासिक आंदोलनों और उपलब्धियों को बयां कर रहा है। वहीं पास स्थित कस्तूरबा गांधी स्कूल में करीब 1400 बच्चे अध्ययनरत हैं। वहां स्कूल के साथ ही बच्चों की देखरेख के लिए एक केंद्र और अनाथालय भी है।

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन इन दिनों चौथे ब्रिक्स मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर हैं।